मथुरा के छाता कोतवाली क्षेत्र के गांव गौहरी में बुधवार की शाम शराब के नशे में धुत चालक की लापरवाही से जेसीबी के पंजे (बकेट) की चपेट में आकर पांच साल के बालक की गर्दन कटने से मौत हो गई। बालक घर के बाहर चबूतरे पर बैठा था जबकि जेसीबी चालक एक ट्रैक्टर-ट्राली को टक्कर मारकर जेसीबी लेकर भाग रहा था। ग्रामीणों ने चालक और जेसीबी को पुलिस को सौंप दिया है।
बच्चे के चाचा रोहित ने बताया कि बुधवार दोपहर 3.15 बजे के करीब उसका 5 वर्षीय भतीजा देव उर्फ देबू पुत्र सुमित घर के बाहर चबूतरे पर बैठा था। तभी गांव का ही रहने वाला जेसीबी चालक जल सिंह नशे में धुत होकर जेसीबी को गांव में लेकर आया और तेजी से दौड़ने लगा। उसकी लापरवाही से जेसीबी का पंजा (बकेट) देबू की गर्दन में लगा और वह लहूलुहान होकर गिर गया।
परिजन को जानकारी हुई तो उसे लेकर अस्पताल दौड़े, लेकिन घर के पास ही बच्चे ने दम तोड़ दिया। उन्होंने बताया कि जेसीबी चालक कुछ देर रास्ते में एक ट्रैक्टर ट्राली को टक्कर मारकर आया था। हादसे के बाद ग्रामीणों ने जेसीबी चालक को पकड़ लिया। सूचना पुलिस को लगी तो वह भी मौके पर पहुंच गई। ग्रामीणों ने जेसीबी और चालक को पुलिस के सुपुर्द कर दिया। पुलिस ने बच्चे के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। कोतवाली प्रभारी संजय कुमार त्यागी ने बताया कि परिजन की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
मजदूर हैं बालक के पिता
ग्रामीणों के अनुसार मृत बच्चे के पिता सुमित मजदूरी करते हैं। जब उनके बेटे की मौत हुई वह मजदूरी के लिए गए हुए थे। जैसे ही उन्हें जानकारी हुई वह दौड़ते हुए घर पहुंचे। यहां अपने बेटे को लहुलुहान हालत में मृत पड़ा देख उनके पैरों जमीन खिसक गई।
पोस्टमार्टम नहीं कराना चाहते थे परिजन, पुलिस के समझाने पर माने
दुर्घटना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस जब बच्चे के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने की तैयारी करने लगी तो ग्रामीणों और परिजनों ने इसका विरोध किया। पुलिस के अनुसार, मृतक के परिजन बच्चे का पोस्टमार्टम कराना नहीं चाहते थे, लेकिन जब उन्हें समझाया गया कि दुर्घटना का मामला है और पोस्टमार्टम कराना आवश्यक है तब वह माने और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।