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Mathura News: एथेनॉल के लिए चावल का काला खेल

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मथुरा। छाता-शेरगढ़ रोड पर स्थित एथेनॉल बनाने वाली एलाइंस डिस्टलरी की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। एथेनॉल उत्पादन के लिए सरकार द्वारा आवंटित रियायती चावल की कालाबाजारी में डिस्टलरी के तीन उच्च पदाधिकारियों के साथ निगरानी के लिए तैनात सरकारी अधिकारी की भूमिका संदिग्ध बताई जा रही है। मामले की जांच पूरी हो गई है। शनिवार को जांच टीम डीएम चंद्रप्रकाश सिंह को रिपोर्ट सौंपेगी।
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अधिकारियों ने बीते मंगलवार को दो ट्रकों से 540 क्विंटल चावल जब्त किया था। मामले में दोनों वाहन चालकों समेत डिस्टलरी के एमडी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी। डीएम ने एडीएम नमामि गंगे नंद प्रकाश मौर्य की अध्यक्षता जांच टीम गठित की थी। टीम ने तीन दिन में मामले की जांच पूरी कर ली है। जांच में डिस्टलरी के तीन अधिकारी और आबकारी विभाग के अधिकारी की संदिग्ध भूमिका पाई गई है। चारों में से किसी ने भी अपनी जिम्मेदारी ठीक से नहीं निभाई है। इस लापरवाही पर चारों पर कार्रवाई होना लगभग तय माना जा रहा है। एडीएम नमामि गंगे ने बताया कि जांच पूरी हो गई है। रिपोर्ट शनिवार को डीएम के समक्ष प्रस्तुत की जाएगी। जांच रिपोर्ट के आधार पर उच्च अधिकारी मामले में दिशा तय करेंगे।

निगरानी अधिकारी की तैनाती
जांच के दौरान टीम ने डिस्टलरी से सीसीटीवी फुटेज, चावल की खरीद-फरोख्त संबंधित दस्तावेज और लेखा-जोखा वाले रजिस्टर जुटाए हैं। कर्मचारियों ने बयान देने से मना कर दिया, कुछ अधिकारियों के बयान दर्ज किए गए हैं। इधर, जिला आबकारी अधिकारी उपेंद्र सिंह ने बताया कि डिस्टलरी में एथेनॉल की निगरानी के लिए विभाग द्वारा चार जून को असिस्टेंड कमिश्नर संजीव कुमार को तैनात किया गया था। इससे पहले यह जिम्मेदारी उनके पास थी।
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