दानघाटी मंदिर के बाहर भक्तों की भीड़
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गोवर्धन में अधिक मास मेला पर प्रमुख तीन सहित पांच मंदिरों की भेंट का ठेका शनिवार को 6.21 करोड़ में उठाया गया है। 18 जुलाई से 16 अगस्त तक चलने वाले मेले से ब्रजभूमि की अर्थव्यवस्था को करोड़ों रुपये की मजबूती मिलने का अनुमान है।
साल में तीन बार आता है अधिक मास
अधिक मास तीन साल में एक बार आता है, इसलिए भक्तों का उत्साह चरम पर है। गोवर्धन में दुकान और गेस्ट हाउस के दरवाजे 18 जुलाई को सुबह एक बार खुलने के बाद 16 अगस्त तक बंद होने का नाम नहीं लेगें। अधिक मास मेले में देश के विभिन्न प्रांतों से करीब एक करोड़ से अधिक भक्त सप्तकोसीय परिक्रमा लगाने गोवर्धन आते हैं।
सजने लगीं दुकानें
अनुमान के मुताबिक एक माह में भंडारों पर ही करीब 10 करोड़ खर्च किए गए। भिखारी से लेकर रिक्शा चालक, रेलवे, रोडवेज, डग्गेमार, सामान स्टैंड, पार्किंग, गेस्ट हाउस, दूध की दुकानें, हलवाई, प्रसाद, टेंट, लाइटिंग, खिलौना, फूलमाला, ढाबा, दौना व पत्तल, किराने का सामान, सब्जियां, थकान मिटाने वाली इलेक्ट्रोनिक मशीन की दुकानें सजने लगी हैं।
इनको मिला भेंट सेवा का ठेका
इस बार दानघाटी मंदिर की भेंट का ठेका 2.30 करोड़ में दीपू पुरोहित ने लिया है। इसी तरह मुकुट मुखारविंद मंदिर का ठेका कन्हैयालाल शर्मा ने 1.99 करोड़ और हर गोकुल मंदिर का ठेका कपिल बौहरे ने 79 लाख रुपये में लिया है। बड़ा बाजार स्थित लक्ष्मी नारायण मंदिर का ठेका धीरज कौशिक ने 19 लाख 12 हजार में लिया है। जतीपुरा मुखारविंद मंदिर की भेंट का ठेका 92 लाख में कन्हैया ने लिया है।