स्वामी लीला शाह महाराज की तपोभूमि में दर्शन करते श्रद्धालु।
मथुरा। चालिया महोत्सव के दौरान मथुरा से गए सिंधी समाज के श्रद्धालु स्वामी लीलाशाहजी महाराज की तपोभूमि पर पहुंचते ही भावविभोर हो गए। बच्चों द्वारा अपने हाथों से तैयार जय झूलेलाल और जय रामजी लिखी विशेष पुष्पमाला समर्पित की गई।
राजस्थान के वल्लभग्राम में संत की तपस्या स्थली और सिंधी समाज के संघर्षपूर्ण इतिहास से रूबरू होकर श्रद्धालु गर्व से भर उठे। झूलेलाल मंदिर में स्वामी लीलाशाहजी की आदमकद प्रतिमा के दर्शन, आरती और सत्संग के बीच उन्हें अपनी संस्कृति और आध्यात्मिक विरासत से जुड़ाव महसूस हुआ। स्वामी लीलाशाह सेवा समिति और पूज्य सिंधी पंचायत वल्लभग्राम के सदस्यों ने श्रद्धालुओं का स्वागत किया।
दो बसों से मथुरा से गए सिंधीजन में मीडिया प्रभारी किशोर इसरानी, नारायणदास लखवानी, बसंत मंगलानी, जीवतराम चंदानी, सुरेश मेठवानी, जितेंद्र लालवानी, रमेश नाथानी, गीता नाथानी आदि शामिल रहे। संवाद