मांट। यमुना एक्सप्रेस वे पर थाना बलदेव क्षेत्र में हुए हादसे पर जांच एजेंसियों द्वारा मौका मुआयना किया जा रहा है। इसी के तहत दिल्ली के केंद्रीय सड़क अनुसंधान संस्थान के अधिकारियों ने घटना स्थल का निरीक्षण किया और कोहरे से संबंधित बिंदुओं पर भी जांच की।
मंगलवार को यमुना एक्सप्रेस वे पर केंद्रीय सड़क अनुसंधान संस्थान के अधिकारियों ने बलदेव क्षेत्र में हुए भीषण हादसे के संबंध में निरीक्षण किया और सड़क सुरक्षा को लेकर बारीकी से जांच की गई। यमुना एक्सप्रेस वे के जीएम आनंद ब्रजराज सिंह ने बताया कि अनुसंधान संस्थान के एचओडी डाॅ. वी मुर्गन, डाॅ. ए मोहन राव, अभिषेक चक्रवर्ती ने निरीक्षण किया। जांच में सामने आया कि पूरे 165 किलोमीटर लंबे यमुना एक्सप्रेसवे पर पांच ऐसे स्थान हैं जो यमुना नदी के अत्यधिक निकट हैं। इनमें से चार स्थान मथुरा जिले में हैं, जबकि एक स्थान ग्रेटर नोएडा में एक्सप्रेसवे के शुरुआती बिंदु पर यमुना और हिंडन एक्सप्रेसवे के साथ सटा हुआ है। सर्दियों में इन स्थानों पर नदी के कारण घना कोहरा छा जाता है, जो एक्सप्रेसवे पर भी फैल जाता है। जांच के बाद टोल प्लाजा पर बैठक की गई, जिसमें अन्य बिंदुओं पर चर्चा की गई। इस मौके पर एजीएम भरत सिंह राठौर, टोल मैनेजर देवेंद्र सिंह, जयप्रकाश, तुलसी राम गुर्जर, जेके शर्मा,सतीश चाहर आदि मौजूद रहे। संवाद