बांकेबिहारी मंदिर में ताला खुलने के बाद खुशी मनाते श्रद्धालु।
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वृंदावन का ठाकुर श्रीबांकेबिहारी मंदिर नए प्रयोगों को केंद्र बनता जा रहा है। सुबह ठाकुरजी ने कमेटी के निर्धारित समय सुबह आठ बजे मंदिर के जगमोहन से श्रद्धालुओं को दर्शन दिए। ठाकुरजी को निहार श्रद्धालु निहाल हो गए। वहीं शाम के दर्शन से पूर्व गर्भगृह के मुख्य द्वार पर ताला लगा देख सेवायतों और श्रद्धालुओं ने हंगामा कर दिया। ताले खोलने के बाद शाम साढ़े चार बजे से ठाकुरजी ने गर्भगृह से दर्शन दिए।
बुधवार सुबह राजभोग सेवाधिकारी श्रीवर्धन गोस्वामी और उनके परिजन ने जगमोहन में तख्त लगाकर ठाकुर को विराजमान किया। कमेटी के तय समय अनुसार मंदिर के पट सुबह आठ बजे खोल दिए गए जबकि इससे पूर्व तक मंदिर 8:30 बजे खुल रहा था। जगमोहन में ठाकुरजी को देखकर श्रद्धालु खुशी से झूम उठे। दोपहर के समय मंदिर के पट बंद होने के बाद गर्भगृह पर ताला लगा दिया गया। इसकी सूचना मिलते ही काफी संख्या में सेवायत मंदिर में एकत्रित हो गए। ताला देखकर उन्होंने सवाल खड़े कर दिए। कहा कि वे लोग मंदिर में सदियों पुरानी परंपरा को टूटते हुए नहीं देख सकते।
गर्भगृह में बाहर से कभी ताला नहीं लगाया गया। इधर शाम होते ही श्रद्धालुओं को आना शुरू हो गया। ताला लगा देख श्रद्धालु भड़कने लगे। मंदिर में नारेबाजी शुरू हो गई। मामला बढ़ता देख आनन-फानन में गर्भगृह के ताले खुलवाए। उसके आगे बने स्टील के गेट हटवाया गया। इसके बाद शाम को ठाकुरजी ने गृभगृह से दर्शन दिए। शाम के समय शयनभोग के सेवाधिकारी सुशील गोस्वामी ने ठाकुरजी को गृर्भगृह में ही विराजमान रखा।
उन्होंने कहा कि वह परंपरा के अनुसार ही कार्य करेंगे। कमेटी के सदस्य दिनेश गोस्वामी ने बताया कि मीटिंग के दौरान उन्होंने परंपरा बताई थी कि जगमोहन में ठाकुर रंगभरनी एकादशी से आते हैं लेकिन कमेटी के अन्य लोगों और सेवाधिकारी की अपनी समझ हैं, उनका अपना निर्णय है।
सेवाधिकारी पर खड़े किए सवाल
सेवायत हिमांशु गोस्वामी ने सेवाधिकारी श्रीवर्धन गोस्वामी पर सवाल खड़े कर दिए। उन्होंने कहा कि हाईपावर्ड कमेटी के सदस्य होने के कारण श्रीवर्धन गोस्वामी ने परंपरा तोड़ने का काम किया है। उन्होंने जिस तख्त पर ठाकुरजी को विराजमान किया उसके पाए खंडित हो रहे थे। कमेटी को खुश करने के लिए उन्होंने परंपरा के अनुरुप जगमोहन में ठाकुरजी को विराजमान किया जबकि रंगभरनी एकादशी पर ही ठाकुरजी जगमोहन में आते हैं और धुल्हैड़ी तक वहीं से लोगों के संग होली खेलते हैं लेकिन उन्होंने परंपरा का ख्याल नहीं रखा। पूर्व में इन्हीं सेवाधिकारी ने ठाकुरजी की पोशाक में बदलाव किया था, जिसका विरोध हुआ था।
रजत गोस्वामी का कहना है कि सभी का दायित्व है कि मंदिर की परंपरा के अनुसार कार्य किए जाएं लेकिन कमेटी की ओर से परंपरा तोड़ी जा रही है, यह उचित नहीं है। पहली बार गर्भगृह के मुख्य द्वार पर ताला लगाया गया, वह इसलिए कि मजबूरी में सेवाधिकारी को जगमोहन में ठाकुरजी को विराजमान कराना पड़ेगा। इसकी कमेटी के अध्यक्ष से लिखित में शिकायत की है।
मंदिर में नोटिस चस्पा
मंदिर में हाईपावर्ड कमेटी के आदेश के नोटिस का चस्पा किया था, जिसमें 18 फरवरी से ठाकुरजी के जगमोहन में विराजमान होकर दर्शन कराने की बात लिखी थी।