मथुरा। ठाकुर बांके बिहारी जी के दर्शनों के बढ़े समय संबंधी अदालत का आदेश रोकने को अधिवक्ता हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे। इस संबंध में सिविल जज जूनियर डिवीजन ने समय बढ़ाने संबंधी आदेश पर रोक के लिए अधिवक्ताओं के प्रार्थना पत्र को खारिज कर दिया। अधिवक्ता गिरधारी लाल शर्मा तथा दीपक शर्मा ने सिविल जज जूनियर डिवीजन की अदालत में प्रार्थना पत्र देकर मांग की थी कि वह बिहारी जी के दर्शनों के बढ़े हुए समय संबंधी आदेश पर रोक लगाएं तथा सुनवाई की तारीख १६ दिसंबर से पूर्व ही की जाए।
अधिवक्तागण ने बताया कि अदालत ने ठाकुर बांके बिहारी जी के दर्शनों का समय ११ घंटे कर दिया गया जो कि गलत है। इस संबंध में जब अदालत को प्रार्थना पत्र दिया तो अदालत ने इसे दर्ज तो कर लिया परंतु इसकी सुनवाई की तिथि १६ दिसंबर रखी। मंगलवार को अदालत को इस बढे़ हुए समय संबंधी आदेश पर रोक लगाने संबंधी प्रार्थना पत्र दिया तथा सुनवाई की तारीख १६ दिसंबर से पूर्व करने की मांग की थी। जिसे अदालत ने नहीं माना है। अब सिविल जज के दर्शनों का बढ़ा हुआ समय संबंधी आदेश के खिलाफ हाईकोर्ट जाएंगे। उन्होंने बताया कि अदालत ने उनके प्रार्थना पत्र पर विपक्षीगणों को नोटिस भेजने संबंधी कार्रवाई तक नहीं की है।