वृंदावन (मथुरा)। ठाकुर प्रियावल्लभ कुंज में श्रीहितपरमानंद शोध संस्थान के तत्वावधान में ठाकुर प्रियावल्लभ लाल एवं ठाकुर विजयराधवल्लभ लाल महाराज पाटोत्सव पर ठाकुर द्वय का पंचामृत से अभिषेक किया गया। साथ ही उनका वैदिक मंत्रोच्चार के मध्य पूजन-अर्चन हुआ। राधवल्लभीय समाज मुखिया डॉ.श्याम बिहारी खंडेलवाल व डॉ. जयेश खंडेलवाल की मुखियाई में मंगल बधाई समाज गायन के साथ ढाढी-ढाढिन नृत्य भी हुआ।
मेवा-मिष्ठान, रुपये-कपड़े-खिलौने आदि लुटाए गए। ठाकुर जी का भव्य शृंगार किया गया। समूचे मंदिर का पुष्पों से भव्य शृंगार किया गया, नौबत बजाई गयी। पाटोत्सव में मुख्य अतिथि पूर्व जिलान्यायाधीश एसएस गुप्ता ने कहा कि प्रियावल्लभ कुंज की परंपराएं अत्यंत पावन व समृद्ध हैं।
यहां श्रीहितपरमानंद दास महाराज के परमाणु आज भी मौजूद हैं। प्रियावल्लभ कुंज के सेवायत आचार्य विष्णुमोहन नागार्च ने कहा कि श्रीहितपरमानंद शोध संस्थान श्रीहितपरमानंद दास महाराज की लुप्त वाणियों को खोजने के लिए पूर्ण समर्पण के साथ जुटा हुआ है।
श्रीहितपरमानन्द शोध संस्थान के समन्वयक व हित उत्सव पत्रिका के प्रधान संपादक डॉ. गोपाल चतुर्वेदी में कहा कि हम अपनी पत्रिका में श्रीराधावल्लभ संप्रदाय के प्रख्यात संतों की विलुप्त पांडुलिपियों को खोज-खोज कर प्रकाशित कर रहे हैं। इनका लाभ समूचे देश के शोधार्थी उठा रहे हैं।
इस अवसर पर श्रीहित रासमंडल के श्रीमहंत लाड़िली शरण महाराज, श्रीराधारमण मंदिर के सेवायत वैष्णवाचार्य श्रीवत्स गोस्वामी, हिताश्रम की सचिव साध्वी हितप्रिया किंकरी,आचार्य श्रीहितलालित बल्लभ नागार्च, कमला नागार्च, पंडित बिहारी लाल वशिष्ठ, रामप्रकाश मधुर, पार्षद रसिक वल्लभ नागार्च, रासबिहारी मिश्रा, युगलकिशोर शर्मा, तरुण मिश्रा, भरत शर्मा, मस्तराम गौतम, डॉ. राधाकांत शर्मा, डॉ. चंद्रप्रकाश शर्मा, महन्त मधुमंगल शरण शुक्ल, पार्षद वैभव अग्रवाल थे।