200 क्विंटल वजन के साथ दौड़ी ट्रेन
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स्पेनिश कोच टेल्गो का शनिवार को लगभग 200 क्विंटल वजन के साथ ट्रायल हुआ। शनिवार को हुए दो ट्रायल में पहले 120 किमी और फिर 130 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से ट्रेन दौड़ाई गई। रेलवे के अनुसार दोनों ही ट्रायल सफल रहे।
देश में पहली हाईस्पीड ट्रेन होने का गौरव हासिल करने की राह पर चल रही टेल्गो ट्रेन की शनिवार रीयल टाइम टेस्टिंग की गई। वजन के साथ दो ट्रायल हुए। पहला ट्रायल शुक्रवार को सुबह करीब 11:46 बजे हुआ। इसमें ट्रेन 120 किमी प्रति घंटा की स्पीड से रूंधी रेलवे स्टेशन की ओर रवाना हुई।
74 किमी की दूरी तय कर ट्रेन रूंधी रेलवे स्टेशन पर 12:32 बजे पहुंची। मथुरा से रूंधी तक पहुंचने में ट्रेन ने 46 मिनट लिए। दूसरा ट्रायल 130 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से किया गया। ट्रेन ठीक 3:00 बजे रूंधी रेलवे स्टेशन के लिए मथुरा स्टेशन से चली। 3:43 बजे रूंधी रेलवे स्टेशन पर पहुंच गई। इसमें 43 मिनट लगे। टेल्गो ट्रेन के दोनों ट्रायल सफल माने गए हैं।
नौ जुलाई को पहले ट्रायल के दौरान टेल्गो को चलाने वाले लोको पायलट सुनील पाठक और विवेक शर्मा ने ही शनिवार को भी वजन के साथ टेल्गो को दौड़ाया। रविवार को टेल्गो की स्पीड बढ़ाकर ट्रायल कराया जाएगा। इसमें पहला ट्रायल 140 किमी और दूसरा ट्रायल 150 किमी की रफ्तार पर होगा। वजन शनिवार को हुए ट्रायल के बराबर ही रहेगा।
वजन के लिए रखे गए रेत के बोरे
टेल्गो ट्रेन में वजन के लिए रेत के बोरे रखे गए थे। कोच में इंजीनियरिंग विभाग ने लगभग 400 बोरे रेत के रखवाए थे। प्रत्येक का वजन करीब 50 किग्रा था।