14 वर्षीय किशोरी को बातों में फंसाकर अपने साथ ले गया। इसके बाद उसकी आबरू लूटी। विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट प्रथम ने उसे 10 साल की जेल और 30 हजार के अर्थदंड की सजा सुनाई है।
मथुरा में किशोरी से दुराचार करने वाले को शुक्रवार को एडीजे अतिरिक्त विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट (प्रथम) विजय कुमार सिंह की कोर्ट ने 10 साल के कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही 30 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
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बलदेव थाना क्षेत्र के एक गांव में रहने वाली 14 वर्षीय किशोरी 17 दिसंबर 2015 की दोपहर को घर से शौच करने के लिए गई थी, लेकिन लौटकर नहीं आई। परिजन को चिंता हुई और उसकी खोजबीन शुरू की। इस दौरान परिजन को पता चला कि बुलंदशहर की शहर कोतवाली के राधा नगर मोहल्ला स्थित मकान नंबर 66 निवासी नीटू उर्फ विकास किशोरी को अपने साथ ले गया है।
किशोरी के पिता ने नीटू उर्फ विकास के खिलाफ बलदेव थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने नीटू को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से किशोरी को बरामद किया था। चिकित्सीय परीक्षण में किशोरी से दुराचार की पुष्टि हुई। पुलिस ने नीटू के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी।
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शुक्रवार को एडीजे अतिरिक्त विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट (प्रथम) विजय कुमार सिंह की कोर्ट में नीटू के अधिवक्ता ने उसे बचाने के लिए काफी दलील दी। शासकीय अधिवक्ता की दलील, साक्ष्य और गवाह के आधार पर कोर्ट ने फैसला सुनाया है।