द्वारका शारदा पीठ के शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद महाराज ने उत्तर प्रदेश की सपा सरकार पर कटाक्ष करते हुए कहा कि जो जाति-वर्ग से रहित होता है उसे समाजवाद कहते हैं, लेकिन सपा में समाजवाद कम बल्कि जाति और परिवारवाद अधिक दिखता है। जवाहर बाग प्रकरण को उन्होंने सपा सरकार की नाकामी बताया। कहा कि जवाहर बाग में धर्म का चोला पहनकर आतंक मचाने वाले सभी असामाजिक तत्व थे।
वह शांति सेवा धाम में पत्रकारों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि मथुरा में सुभाषचंद्र बोस के नाम का सहारा लेकर आतंकी साम्राज्य चलाया जा रहा था जिसका पूर्व में जयगुरुदेव और अब रामवृक्ष यादव ने नेतृत्व किया। ऐसे लोगों के विरुद्ध कार्रवाई होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि हमारा सब का आधार सनातन धर्म है, लेकिन वर्तमान में कुछ लोग अपने आधार को छोड़ अन्य पंथों और संस्कृति की ओर बढ़ रहे हैं जो अनुचित है। वर्तमान में सनातन धर्म में आई बाधाओं को दूर करने की जरूरत है। हिंदुओं को जाति पाति का भेदभाव मिटाकर सभी को एक सूत्र में बंधकर रोटी-बेटी के संबंधों को वरीयता देनी चाहिए। उन्होंने साईं, राधास्वामी, ब्रह्मकुमारी अपूज्य बताकर पूजा छोड़ने को कहा।
उज्जैन कुंभ में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के दलितों के साथ भोजन करने के मामले को एक राजनीतिक नाटक बताया। कहा कि दलितों के यहां चांदी के बर्तनों में खीर-पूड़ी खाना समरसता नहीं था। देश में आरक्षण व्यवस्था पर बोले कि जाति और आर्थिक दोनों ही स्तर पर आरक्षण नहीं होना चाहिए, बल्कि योग्यता के आधार पर चयन हो और नौकरी दी जाए।