मथुरा। देवर-भाभी का प्यार परवान चढ़ा तो वे रिश्तों की ऊंच-नीच सब भूल गए। एक साथ जीने-मरने की कसमें खालीं और जब परिजन दोनों की शादी को राजी नहीं हुए तो रेल की पटरी पर मौत को गले लगाने पहुंच गए। सोमवार रात करीब डेढ़ बजे आरपीएफ उपनिरीक्षक ने उन्हें समझ लिया। जब पूछताछ की तो बताया कि वह दोनों जान देने आए थे। दोनों को परिजन के सुपुर्द कर दिया है।
मथुरा जंक्शन पर तैनात आरपीएफ के उपनिरीक्षक राजीव कुमार मीणा रात को गश्त कर थे। उन्हें युवक और युवती रेलवे ट्रैक के सहारे बैठे दिखाई दिए। उन्होंने उनसे इतनी रात में वहां बैठने की वजह पूछी तो चुप लगा गए। चुप्पी देखकर वह दोनों को थाने ले आए। आरपीएफ प्रभारी निरीक्षक सीबी प्रसाद ने दोनों से बात की। युवक ने युवती को अपनी भाभी बताते हुए कहा कि हम दोनों प्यार करते हैं और शादी करना चाहते हैं।
परिजन शादी के लिए तैयार नहीं हैं, इसलिए हम दोनों जान देने के लिए यहां पहुंचे थे और ट्रेन का इंतजार कर रहे थे। प्रभारी निरीक्षक ने उनसे फोन नंबर लेकर परिजनों को सूचना दी। डीग, जिला भरतपुर के रहने वाले युवक-युवती के परिजन आ गए। युवती का मायका इगलास जिला अलीगढ़ में है। एसआई राजीव मीणा ने बताया कि युवक-युवती आपस में देवर-भाभी हैं। दोनों आरआरआई केबिन के पास आत्महत्या करने के उद्देश्य से आए थे। दोनों को परिजन को सौंप दिया है।