मथुरा। जीएलए यूनिवर्सिटी, ग्रेटर नोएडा कैंपस में मिनी हैकाथॉन गेटवे टू देवथॉन 2025 का आयोजन किया गया। करीब 6 घंटे तक चला देवथॉन छात्रों की रचनात्मकता, टीम भावना और नवाचार क्षमता का उदाहरण साबित हुआ। शुभारंभ जीएलए ग्रेटर नोएडा कैंपस के प्रतिकुलपति प्रो. दिवाकर भारद्वाज ने किया। उन्होंने प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों को बड़े सपने देखने तथा नवाचार की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया।
प्रतियोगिता में कुल 36 टीमों के 137 छात्र-छात्राओं ने भाग लिया और 31 समस्या-वक्तव्यों पर समाधान प्रस्तुत किए। प्रतियोगिता की मुख्य विषय-वस्तु में कृत्रिम बुद्धिमत्ता, डेटा विज्ञान, क्लाउड संगणना, साइबर सुरक्षा, इंटरनेट ऑफ थिंग्स और ब्लॉकचेन जैसे उभरते तकनीकी क्षेत्र शामिल थे। परियोजनाओं का मूल्यांकन उद्योग एवं अकादमिक विशेषज्ञों द्वारा गठित निर्णायक मंडल ने किया। बाहरी विशेषज्ञों में समाधान वास्तुकार, एचसीएल टेक्नोलॉजीज के भूपेश शर्मा और प्रधान डेटा वैज्ञानिक, प्रविष्ट डिजिटल सनी सिंह शामिल रहे। आंतरिक निर्णायक मंडल में कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग के विभागाध्यक्ष सम्मिलित रहे।
प्रथम पुरस्कार टीम क्रिप्टॉक्स को मिला, जिसमें आर्क अग्रवाल, आधिश गुप्ता, दीपक गंगवार और श्रेया जैन शामिल रहे। द्वितीय पुरस्कार टीम कंट्रोल-ज़ेड ने जीता, जिसमें नेहुल सिन्हा, वानिया मारवाह, अनुभव सिंह और आराध्य मोहन श्रृंगी शामिल रहे। तृतीय पुरस्कार टीम डीकोडरज को मिला, जिसमें देवांश रायजादा, आबीर दास, लक्ष्य गोयल और नियति सक्सेना शामिल रहे। तीन टीमों को सांत्वना पुरस्कार मिले। सभी विजेता दल आगामी 9 से 11 अक्तूबर तक आयोजित होने वाले देवथॉन में प्रतिभाग करेंगे। कार्यक्रम में डाॅ. सचिन राठौर, डाॅ. सुनील कुमार का योगदान सराहनीय रहा। साथ ही समन्वयक अमृत सिंह, डॉ. पीपी गुप्ता, डॉ. भामिनी, युगा शर्मा, डॉ. तनुज कुमार रावत, अमन श्रीवास्तव और दीपक गोयल का योगदान रहा।