मथुरा। जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में मौजूद मरीज।
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मथुरा। होली पर्व पर अनियमित खानपान और मौसम में बदलाव ने डायरिया व पेट दर्द के मरीजों की संख्या बढ़ा दी है। रविवार को अवकाश होने के बाद भी इमरजेंसी वार्ड में मरीजों की भीड़ देखी गई। डायरिया से पीड़ित लोगों की हालत गंभीर होने पर उन्हें वार्ड में भर्ती कराया गया।
अस्पताल के चिकित्सकों ने बताया कि होली के त्योहार पर गुजिया व अन्य पकवानों का आनंद लेने के बाद कुछ लोगों की सेहत खराब हुई है। यही वजह है कि सुबह से ही जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में मरीजों की भीड़ रही। अधिकांश मरीज पेट दर्द व डायरिया से पीड़ित रहे। सुनील, आकांक्षा, प्रिया, आशुतोष आदि लोगों को पानी की कमी के चलते भर्ती किया गया है।
डॉ. सिद्धार्थ ने बताया कि अनियमित खानपान और लगातार बढ़ रहे तापमान के चलते लोग बीमारियों की चपेट में आ रह हैं। इस मौसम में खुले में रखे खाद्य पदार्थों का सेवन कतई न करें। फ्रिज में रखा बासा खाना भी बीमारी पैदा करता है। बीमारी से बचाव के लिए जरूरी है कि ताजा भोजन खाएं।
शरीर में हो जाती है पानी की कमी
सीनियर फिजिशियन डॉ. रवि महेश्वरी का कहना है कि उल्टी दस्त लगने से शरीर में पानी की कमी हो जाती है। ऐसे में अधिक पानी पीना चाहिए। अगर संभव हो तो ओआरएस का सेवन करें। साथ ही उल्टी-दस्त की शिकायत पर नमक और चीनी को पानी में मिलाकर भी पी सकते हैं।
इन बातों का भी रखें ध्यान
- दही, चावल, सेब जैसे हल्के खाद्य पदार्थ लें, बुखार और उल्टी-दस्त की बीमारी में पर्याप्त आराम करें व खाना खाने से पहले हाथों को साबुन से अच्छी तरह धोएं।