मथुरा। धनतेरस पर बर्तन और गिफ्ट की दुकानों पर खरीदारों का तांता लगा रहा। स्टील के बर्तनों के साथ ही तांबे और पीतल के बर्तनों की डिमांड भी रही। कांसा के बर्तन की बिक्री 60 से 70 प्रतिशत तक बढ़ी है। वहीं टिफिन बॉक्स और प्लास्टिक के गिफ्ट आयटम की भी खासी खरीदारी की गई।
होली गेट के बर्तन व्यापारी सचिन बताते हैं कि इस बार तांबे और पीतल, कांसे के बर्तनों की मांग में दोगुनी वृद्धि हुई है। सचिन कहते हैं कि इस बार धनतेरस पर लोग भारी मात्रा में तांबे और पीतल के लोटे, पूजा थालियां और गिलास खरीद रहे हैं। कीमतें पहले से थोड़ी बढ़ी हैं, लेकिन लोगों की रुचि पर कोई असर नहीं पड़ा। एक कटोरी जो स्टील की 30-40 रुपये की आती है वहीं कांसे की कटोरी 450 रूपए की है। वहीं स्टील के बर्तनों की भी खासी खरीदारी हुई है।
धार्मिक मान्यता और सेहत कारण बढ़ी मांग
दुकानदार बताते हैं कि तांबे और पीतल के बर्तन केवल परंपरा का प्रतीक ही नहीं, बल्कि सेहत से भी जुड़े हैं। तांबे के बर्तन में रखा पानी शरीर के लिए लाभकारी माना जाता है। इससे प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। लोग तांबे और पीतल में पूजा में इस्तेमाल होने वाले बर्तन अधिक खरीद रहे हैं।
बाजारों में रौनक, दुकानदारों के चेहरे खिले
कृष्णा नगर, होली गेट, छत्ता बाजार, चौक बाजार समेत अन्य बााजारों में इन दिनों तांबे और पीतल के बर्तन खूब बिक रहे हैं। छत्ता बाजार के दुकानदार विशेष आनंद का कहना है कि चांदी, स्टील और अन्य धातुओं के बर्तनों की खासी डिमांड रही।
आस्था के आगे बेअसर महंगाई
तांबे और पीतल के दाम बीते एक साल में 15–20 प्रतिशत तक बढ़े हैं, लेकिन ग्राहकों की खरीदारी पर इसका खास असर नहीं दिख रहा। दुकानदार कहते हैं कि आस्था के आगे महंगाई भी बेअसर हो गई है। चांदी और सोने की खरीद से भी बाजार चमकता रहा।