मथुरा में अपहृत डाक्टर की फिरौती की रकम का बंदरबांट करने के मामले में एसएसपी से लेकर एसएचओ तक की भूमिका सामने आई है। इस मामले में इंस्पेक्टर को निलंबित कर दिया गया है। सीओ को सर्किल से हटा दिया गया है। एसएसपी/डीआईजी को हटाने की तैयारी है।
सूत्रों के अनुसार आईजी आगरा ए सतीश गणेश द्वारा की गई जांच में एसएसपी से लेकर एसएचओ तक की भूमिका संदिग्ध बताई गई है। उन्होंने अपनी रिपोर्ट शासन को भेज दी है। इस मामले में जिला स्तर पर कार्रवाई भी कर दी गई है। हाइवे थाने के एसएचओ को निलंबित कर दिया गया है, जबकि संबंधित सर्किल के क्षेत्राधिकारी को एसएसपी कार्यालय से संबद्घ कर दिया गया है।
सूत्रों का कहना है कि इस मामले में एसएसपी/डीआईजी शलभ माथुर के खिलाफ भी कार्रवाई तय है। फिलहाल शलभ माथुर को मथुरा से हटाने की तैयारी है। वहीं डाक्टर का अपहरण करने वाले चारों बदमाशों पर 50-50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया है। यह है मामलाजानकारी के अनुसार पिछले दिसंबर माह में मथुरा के एक डॉक्टर का अपहरण हो गया था। अपहरण कर्ताओं ने डॉक्टर के परिजनों से एक करोड़ रुपये की फिरौती मांगी थी। परिजनों द्वारा 52 लाख रुपये अपहरणकर्ताओं को देकर डॉक्टर को छुड़ा लिया गया था।
डॉक्टर के पास जब बाकी पैसे देने के लिए अपहरणकर्ताओं ने संपर्क किया और दोबारा अपहरण की धमकी दी तो डॉक्टर ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए एक अपहरणकर्ता को हिरासत में ले लिया। आरोप है कि पुलिस ने फिरौती की रकम हड़प ली और बदमाश को छोड़ दिया। इस मामले की जांच एडीजी कानून व्यवस्था के निर्देश पर आगरा के आईजी रेंज को दी गई। उन्होंने 22 बिंदुओं पर एसएसपी से जवाब मांगा था। सूत्रों का कहना है कि एसएसपी का जवाब संतोष जनक नहीं था। आईजी ने इस मामले में एसएसपी के खिलाफ भी कार्रवाई की सिफारिश की है।
हाल ही में हुआ है प्रमोशन मथुरा के एसएसपी शलभ माथुर का हाल ही एक जनवरी को एसएसपी के पद से डीआईजी के पद पर प्रमोशन हुआ है। वो 2006 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं। वह मथुरा के अलावा गोरखपुर, प्रयागराज, कानपुर, आगरा और नोएडा जैसे बड़े जिलों के भी एसएसपी रह चुके हैं।