मथुरा में इनामी अपराधियों को मुठभेड़ में ढेर करने और सलाखों के पीछे पहुंचाने की पटकथा फरवरी साल 2023 में लिखी गई थी। एसएसपी शैलेश कुमार पांडेय ने अपने भरोसेमंद तेज तर्रार दरोगा और सिपाहियों की एक टीम गठित की। इस टीम को नाम दिया स्पेशल टास्क टीम (रिवार्डी)। अब तक 41 इनामी अपराधियों को गिरफ्तार और चार इनामी बदमाशों को ढेर करने में अपनी अहम भूमिका अदा कर चुकी है।
रविवार को पुलिस टीम ने एक लाख के इनामी डकैत छैमार गैंग के सरगना असद उर्फ फाती (46) को मुठभेड़ में ढेर कर दिया था। इससे पहले भी पुलिस टीम कई बड़े अपराधियों पर शिकंजा कस चुकी थी। परखम गुर्जर के रहने वाले दुर्दांत और एक लाख रुपये का इनामी अपराधी रोहताश गुर्जर पुलिस के लिए चुनौती बना हुआ था। टीम की कमान संभाल रहे दरोगा अजय वर्मा ने टीम के साथ रोहताश को मुठभेड़ में गिरफ्तार किया।
दुर्दांत की दोनों टांगों में गोली लगी थी। गोली लगने के चलते दुर्दांत की एक टांग तक काटनी पड़ी। फिलहाल दुर्दांत सलाखों के पीछे है। गठित होने के 25 दिनों के अंदर टीम ने दुर्दांत को सलाखों के पीछे पहुंचाया तो एसएसपी ने भी टीम की पीठ थपथपाई थी।
उसके बाद एसएसपी की भरोसेमंद टीम ने पीछे मुड़कर नहीं देखा। करीब सवा दो सालों में टीम ने चार दुर्दांत और इनामी बदमाशों को नेस्तनाबूद किया। वर्तमान में टीम की कमान इंस्पेक्टर प्रशांत कपिल ने संभाल रखी है। डीआईजी ने बताया कि टीम लगातार इनामी बदमाशों को मुठभेड़ में गिरफ्तार करने के साथ उन्हें ढेर करने में लगी है।