कोसीकलां (मथुरा)। भारत की पहली महिला केसरी सोनिका कालीरमन मंगलवार को द हिंदू इंटर कॉलेज में आयोजित एक कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि पहुंचीं। इस दौरान उन्होंने अपने करियर से जुड़ी कई बातें बताईं। उन्होंने बताया कि पहलवानी के गुर अपने पिता चंदगीराम से ही सीखे थे।
सोनिका ने बताया कि उनकी परवरिश दिल्ली में हुई जहां उनके पिता ने ट्रेनिंग कैंप में उन्हें पहलवानी के गुर सिखाए। उन्होंने कुश्ती करियर की शुरूआत साल 1998 में नेशनल रेसलिंग चैंपियनशिप में सिल्वर मेडल जीतने के साथ की। वह देश की पहली महिला पहलवान थी, जिसने एशियन गेम्स में हिस्सा लिया था। हालांकि 2002 में दोहा में हुए एशियन गेम्स में वह कोई पदक हासिल नहीं कर सकीं थीं। बाद में सोनिका ने एशियन वूमैन रेसलिंग चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीता था।
इसके अलावा वह 10 बार नेशनल रेसलिंग चैंपियन, 3 बार नेशनल गेम्स रेसलिंग चैंपियन और 9 बार भारत केसरी का खिताब जीत चुकी हैं। उन्होंने 2010 में रेसलिंग को अलविदा कह दिया था। इसके बाद वह अमेरिका बेस्ड बिजनेसमैन सिद्धार्थ मलिक से शादी करके वहीं सेटल हो गईं। सोनिका के पति भी एक एथलीट है और अमेरिका में मार्शल आर्ट्स के चैंपियन रह चुके हैं। वह 2010 में बिग बॉस-5 और खतरों के खिलाड़ी-2 में भी दिख चुकी हैं। बिग बॉस में वह सिर्फ 8 दिन रही थीं। प्रेग्नेंसी और मेंटल स्ट्रेस के कारण उन्होंने शो बीच में ही छोड़ दिया था।
जूडो-कराटे के विजयी खिलाड़ी सम्मानित
कोसीकलां। समुदाय स्पोर्ट्स एकेडमी के 9 खिलाड़ियों ने मथुरा वृंदावन में हुई कराटे प्रतियोगिता 3 गोल्ड समेत 9 पदक जीते। इसमें सुमन वर्षा, महरूम ने गोल्ड, गीता दीपांशी नरेश ने सिल्वर डॉली, नीलम और लक्ष्मी ने कांस्य पदक जीते। सभी खिलाड़ियों को मंगलवार को मुख्य अतिथि भारत केसरी सोनिका कालीरमन ने हिंदू इंटर कॉलेज में आयोजित कार्यक्रम में सम्मानित किया। इस मौके पर उनके भाई सीओ छाता जगदीश कालीरमन, मां फूलवती, कॉलेज के प्रबंधक हरीओम गुप्ता, आरएन भारद्वाज, प्रतापचंद अग्रवाल, रुचि चौधरी, मेधराम शर्मा, महेंद्र प्रदीप सांगवान, सौरभ, विष्णु अग्रवाल आदि थे।