इसी को लेकर मृतक के पुत्र विनोद सैनी के मन में फिर से आया कि मुआवजे की राशि पिता फिर से कहीं अपने भाइयों में न बांट दें। यही सोचकर उसने अपने पिता की हत्या कर दी। थाना सदर बाजार एसएचओ अजय किशोर, सर्विलांस प्रभारी सोनू सिंह, एसआई घनेंद्र शर्मा, एसआई करूणा शंकर दीक्षित टीम में शामिल रहे।
आरोपी बोला- दूसरे उठा रहे थे हमारे पैसों का फायदा
एसएचओ अजय किशोर ने बताया कि पिता की हत्या करने वाले विनोद ने पुलिस के समक्ष कुबूल किया है कि मुआवजे की पहली किश्त में मिले 3 करोड़ रुपये में से उनको पूरा हिस्सा नहीं मिला। 2.5 करोड़ रुपये पिता हुकुम चंद सैनी ने भाई गुलाब चंद के साथ कोल्ड स्टोरेज में लगा दिया था। मुझे भी कुछ रुपये दिया गया था, जिससे सोने-चांदी की दुकान खोली जो नहीं चल सकी। आर्थिक स्थिति कमजोर होने के चलते मैं बेटी की पढ़ाई के लिए पैसे नहीं दे पा रहा था।
आरोपी ने कहा कि मेरी बेटियां शादी के लायक हो गई थी तो मैंने पिता से पैसे मांगे थे, वे नहीं दे रहे थे। हमारे रुपयों का दूसरे लोग फायदा उठा रहे थे और पांचों भाई भुखमरी के कगार पर थे। पिता को फिर से जमीन मुआवजे को 25 करोड़ रुपये मिलने वाले थे, जिसके चलते मुझे लगा कि कहीं ये रुपये भी पिता लुटा न दें। इसी के चलते मैंने उनकी हत्या कर दी। इससे मुआवजे की राशि हम पांच भाइयों को ही मिल सके।