सोमवती अमावस्या पर सुबह से ही यमुना के विश्राम घाट पर स्नान करने वालों की भीड़ लग गई। श्रद्धालुओं ने यहां यमुना मैया का जलाभिषेक और दुग्धाभिषेक भी किया। इस अवसर पर प्रसिद्ध द्वारिकाधीश मंदिर में श्रद्धालु उमड़ पड़े।
विशेष शृंगार में राजाधिराज को निहारने की होड़ मची रही। पंडित कामेश्वरनाथ चतुर्वेदी ने बताया इस दिन सूर्य और चंद्रमा एक ही राशि पर होते हैं। इस दिन गंगा केे तटों पर मेला लगता है वहीं मथुरा के विश्राम घाट पर स्नान और दान का विशेष महत्व है।
सोमवती अमावस्या पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने वृंदावन के मंदिरों में अपने आराध्य के दर्शन किए। ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर में सुबह से ही भीड़ उमड़ने लगी। देर शाम ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर में भव्य फूलबंगला सजाया गया और इत्र का छिड़काव भी किया गया।
नगर के राधावल्लभ मंदिर, सेवाकुंज, निधिवन, गोकुलानंद, राधादामोदर, राधारमण मंदिर, प्रेम मंदिर आदि में अपने आराध्य की एक झलक पाने को सुबह से भी भक्त पहुंचने लगे थे। मंदिरों में ठाकुरजी के जयकारों से संपूर्ण वातावरण भक्तिमय हो गया।
इधर श्रद्धालुओं ने नगर की पंचकोसीय परिक्रमा और यमुना स्नान कर पुण्यलाभ अर्जित किया। संपूर्ण परिक्रमा मार्ग राधे राधे के जयकारों से गुंजायमान हो रहा था। इस अवसर पर नगर के विभिन्न क्षेत्रों में सामाजिक और धार्मिक संस्थाओं ने श्रद्धालुओं के लिए पेयजल और भंडारे की व्यवस्था की।