सौंख (मथुरा)। ग्राम पंचायत नैनूपट्टी के गांव नगला अक्खा के आंगनबाड़ी केंद्र में शनिवार को बच्चों को बांटे गए दलिये में घुन लगा था, जबकि दाल में कीड़े बजबजा रहे थे। पोषाहार के पैकेट खोलते ही उन्हें कीड़े रेंगते नजर आए। इस पर बच्चों के अभिभावकों ने हंगामा किया।
नगला अक्खा में सोमवार सुबह आंगनबाड़ी कार्यकर्ता निर्मला देवी ने आंगनबाड़ी में आए बच्चों व उनकी माताओं को पोषाहार के पैकेट वितरित किए। इसमें चने की दाल और दलिये में कीड़े और घुन लगे हुए थे। पैकेटों को खोला गया तो पोषाहार में कीड़े रेंगने लगे। यह देखकर बच्चों की माताओं ने पोषाहार लेने से इंकार कर दिया। पोषाहार लेने पहुंचीं महिलाओं ने आरोप लगाया कि गांव में तैनात आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ने पिछले तीन माह से पोषाहार बांटा ही नहीं था। जब पोषाहार देने के लिए कहा गया तो सोमवार को सड़ा हुआ पोषाहार बांट दिया। इस पर महिलाओं ने हंगामा कर दिया। उनका कहना था कि अगर धोखे में कोई बच्चा यह पोषाहार खा लेता तो बीमार पड़ जाता। बच्चों के अभिभावकों ने संबंधित आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और विभागीय अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है।
सड़े हुए पोषाहार के मामले में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता निर्मला देवी का कहना है कि पिछले माह राशन सामग्री नहीं दी गई थी और इस माह भी 70 बच्चों का पोषाहार नहीं दिया गया। इस कारण वितरण में देरी हुई। खराब पोषाहार सामग्री की सूचना उच्चाधिकारियों को दे दी गई है।
जांच कराई जा रही है: डीपीओ
जिला कार्यक्रम अधिकारी बुद्धि मिश्रा ने बताया कि ये मामला संज्ञान में आया है। सीडीपीओ योगेंद्र सिंह को इसकी जांच के निर्देश दिए हैं। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। हालांकि प्रथम दृष्टया आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की लापरवाही सामने आई है। अगर इतना खराब पोषाहार था तो बांटा क्यों गया। इस बिंदु पर भी गहराई से जांच हो रही है।