राज्य सरकार ‘स्मार्ट सिटी’ योजना के तहत मथुरा-वृंदावन नगर निगम को 50 करोड़ रुपये देगी। इसके लिए शासन ने पूरा प्लान मांगा है। यह प्लान तीर्थनगरी को ध्यान में रखते हुए तैयार किया जाएगा। इसमेें प्रमुख मंदिरों के अलावा अन्य ऐसे पुराने मंदिरों तथा कुंडों को भी शामिल करने की योजना है, जिनसे लोग अनभिज्ञ हैं।
स्मार्ट सिटी योजना के तहत नगर निगम को एक स्थान विशेष का चयन करना था। यह स्थान निगम ने वृंदावन के रूप में चयनित कर लिया है। इस पर काम भी शुरू हो गया है। निगम अधिकारी वृंदावन को ध्यान में रखते हुए 50 करोड़ का प्लान तैयार कर रहे हैं। इसमें उन मंदिरों को भी शामिल किया जा रहा है, जिनके बारे में श्रद्धालु अभी तक जानते नहीं हैं। निगम की ओर से इन मंदिरों के आसपास मौजूद पुरातन पहचानों को आधुनिक तरीके से निखारा जाएगा। इसके लिए अधिकारियों ने प्रथम दृष्टया प्लान पर कमिश्नर से सहमति ले ली है।
सप्त देवालयों को किया गया है चिह्नित
अभी तक बने प्लान में वृंदावन के सप्त देवालयों को प्लान में लेने की योजना है। यहां आने वाले श्रद्धालुओं को भी विशेष सुविधा देने की योजना बनाई जा रही है। इसके अलावा वृंदावन पहुंचने वाले रास्तों, यमुना किनारे तथा प्राचीन कुंडों पर भी काम किया जाएगा।
स्मार्ट सिटी के तहत वृंदावन को चुना गया
नगर निगम स्मार्ट सिटी योजना के तहत प्लान तैयार कर रहा है। इसके लिए एक स्थान विशेष के रूप में वृंदावन को चुना गया है। इससे संबंधित प्लान जल्द ही शासन को भेज दिया जाता है।-
रविद्र कुमार मांदड़, नगर आयुक्त मथुरा-वृंदावन