क्या बोले सराफा व्यापारी
मुकेश अग्रवाल ने कहा एक साल के भीतर चांदी के दाम तीन लाख रुपये प्रति किलो के पास पहुंच गए हैं। इसकी वजह से चांदी के उत्पादों के दाम बढ़ते गए और निर्यात कम हो गया।
मनोज अग्रवाल ने बताया कि चांदी उत्पादों का निर्यात पहले की अपेक्षा न के बराबर बचा है। शहर में चांदी के उत्पाद बनाने वाले कई व्यापारी काम बंद करने की कगार पर आग गए हैं।
राजेंद्र अग्रवाल का कहना है कि चांदी की बढ़ती कीमतों की वजह से उत्पाद महंगे हो गए हैं। इससे बहुत कम ऑर्डर मिल रहे हैं। कार्य ठप हो गया है। एल्युमिनियम के उत्पादों की मांग बढ़ रही है।
व्यापारी नेता शशि भानु गर्ग ने बताया कि चांदी के दामों में अभी तक उतार-चढ़ाव बना हुआ। कीमतें स्थिर न रहने से छह महीने में पांच से 10 प्रतिशत ही चांदी उत्पादों का निर्यात हुआ है।