रिफाइनरी क्षेत्र के गांव धाना शमसाबाद में बुखार का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। यहां बुखार लोगों की जिंदगी छीन रहा है। बीते 12 दिनों में ही छह लोग मौत के मूंह में समा गये है।
गांव के प्रधान महादेव प्रसाद ने बताया उनकी बेटी रजनी (14) को कुछ दिन पहले बुखार आया। तबियत बिगड़ी तो उसे आगरा के अस्पताल में भर्ती कराया जहां उसे डेंगू बताया गया। इसके बाद रजनी की मौत हो गई।
इसी गांव के मुकेश (50) भी बुखार के शिकार बने। चाचा फूल चंद ने बताया बुखार आने पर तबियत ऐसी बिगड़ी कि वो मुकेश को नहीं बचा सके। जमुना देवी (50) के पति रूप चंद ने बताया उनकी पत्नी को बुखार आने के बाद से ही वो उपचार करा रहे थे। आखिर में आगरा ले गये लेकिन अपनी पत्नी को नहीं बचा सके।
इसके अलावा सत्तो (40), रानी (05), और द्रोपा (40) भी बुखार के चलते काल के गाल में समा गई है। गांव के आठ से दस लोगों का इलाज आगरा और मथुरा के अस्पतालों में चल रहा है। ग्रामीणों में दहाशत इस बात को लेकर है कि लोग बीमार हो रहे है और मौत के मूंह में जा रहे है। इस संदर्भ में मुख्य चिकित्सा अधिकारी विवेक मिश्रा ने बताया गांव में बुखार से मौत की सूचना नहीं है। शुक्रवार को टीम भेजकर पता लगाया जायेगा।