ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर में कड़ी धूप में लाइन में लगे श्रद्धालु
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उत्तर प्रदेश के मथुरा में वृंदावन स्थित ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर में शनिवार को भीड़ से हालात फिर से बिगड़ गए। सुबह से लेकर दोपहर तक मंदिर में भारी भीड़ रही। भीड़ में फंसकर कई श्रद्धालुओं की तबीयत भी खराब हो गई। उन्हें मंदिर के एसी रूम में बैठाया गया, तब कहीं जाकर उन्हें आराम मिला।
ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर में हुए हादसे के बाद भी मंदिर में भीड़ का दबाव कम नहीं हो पा रहा है। इसे कम करने के लिए जिला प्रशासन हर रोज नए-नए प्रयोग कर रहा है। पिछले दिनों दुकानों के आगे की गई बैरिकेडिंग के बाद बृहस्पतिवार को विद्यापीठ चौराहे से बांकेबिहारी मंदिर पुलिस चौकी के निकट तक समानांतर बैरिकेडिंग लगाई गई। शनिवार को बैरिकेडिंग लगाए जाने के बाद भी व्यवस्थाओं में कोई खास सुधार होता नहीं दिखाई दिया।
धक्कामुक्की के बीच मंदिर जाने को मजबूर लोग
बांकेबिहारी पुलिस चौकी तक तो लोग बैरिकेडिंग के माध्यम से लाइन लगाकर आए, लेकिन इसके बाद मंदिर की मुख्य गली से लेकर मंदिर के गेट नंबर तीन और दो तक बेतहाशा भीड़ हो गई। आपाधापी और धक्कामुक्की के बीच लोग मंदिर में दर्शन के लिए जाने को मजबूर थे। गलियों में भीड़ हिलोरे मार रही थी। भीड़ में फंसे बच्चे, वृद्धजन और महिलाएं दबाव को सहन करते हुए मंदिर तक पहुंचे।
बालिका और श्रद्धालु की बिगड़ गई तबीयत
मंदिर के गेट पर भारी भीड़ का दबाव रहा। मंदिर प्रबंधन और पुलिस ने व्यवस्थाओं को संभालने का प्रयास किया लेकिन सभी प्रयास भीड़ के आगे नाकाफी देखे गए। भीड़ के कारण मंदिर में एक सात वर्ष की बालिका व अन्य श्रद्धालु की तबीयत बिगड़ गई। मंदिर में तैनात सुरक्षा गार्ड बच्ची को गोद में उठाकर ऊपरी मंजिल पर कार्यालय में ले गए और एसी में बैठाया और दवा दी। इसके बाद उसकी तबीयत में सुधार हो सका।
स्कूल वैन फंसी
प्रशासनिक अधिकारियों की अदूरदर्शी योजना का खामियाजा स्थानीय लोगों को उठाना पड़ रहा है। जिला प्रशासन द्वारा बिना स्थानीय लोगों की सहमति के विद्यापीठ चौराहे से पुलिस चौकी तक समानांतर बैरिकेडिंग लगा दीं। इससे स्कूल की वैन भी मंदिर क्षेत्र में रहने वाले बच्चों के घरों तक नहीं पहुंच सकी। बच्चों को परेशानी हुई। श्रद्धालुओं की सुविधाओं के लिए लगाई गई बैरिकेडिंग दोपहर गाय घुस आई। इससे बैरिकेडिंग में चल रहे श्रद्धालुओं में अफरातफरी मच गई।