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Mathura News: बांके भैया को सुनाई बहनों की पाती, समर्पित कीं राखियां

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मथुरा। श्रीबांकेबिहारी मंदिर में ठाकुर जी को राखी समर्पित करतीं हुईं महिलाएं। - फोटो : mathura
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वृंदावन। रक्षाबंधन के पर्व पर शनिवार को ब्रजभूमि वृंदावन में परंपरा, भक्ति और प्रेम का अद्भुत संगम देखने को मिला। श्रीबांकेबिहारीजी की कलाई पर इस वर्ष भी हजारों धर्म बहनों की राखियां सजाई गईं। बहनों ने अपने स्नेह के प्रतीक रूप में न केवल राखियां भेजीं, बल्कि भावभरी पातियां भी भेजीं, जिन्हें मंदिर सेवायतों द्वारा प्रभु चरणों में पढ़कर सुनाया गया।
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हर वर्ष की भांति इस बार भी बांकेबिहारी मंदिर में देश-विदेश से राखियां और उपहारों का आगमन हुआ। अमेरिका, इंग्लैंड, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया सहित भारत के विभिन्न राज्यों से हजारों राखियां डाक और कोरियर के माध्यम से मंदिर कार्यालय में प्राप्त हुईं। इन सभी को विधिपूर्वक प्रभु को समर्पित किया गया।
इस वर्ष विशेष बात यह रही कि कुछ महिलाओं ने श्रद्धा से खुद ही आराध्य को रक्षा सूत्र समर्पित किए। कई महिलाएं भावविभोर हो गईं। ऑस्ट्रेलिया के सिडनी शहर से पूनम अमित भटनागर द्वारा भेजी गईं रजत राखियां सेवायत आचार्य प्रहलाद वल्लभ गोस्वामी ने प्रभु को समर्पित कीं।
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बांकेबिहारी मंदिर के अलावा श्रीराधारमण मंदिर, श्रीराधावल्लभ मंदिर, श्रीहरिदासपीठ, काली मर्दन मंदिर समेत अन्य प्रमुख मंदिरों में भी रक्षाबंधन का उल्लासपूर्ण वातावरण बना रहा।

देशभर की युवतियों ने ठाकुरजी को भेजे भावनाओं से भरे पत्र
श्री बांकेबिहारी मंदिर में रक्षाबंधन के पावन अवसर पर एक अनोखी और भावनाओं से भरी परंपरा देखने को मिली। दिल्ली, झांसी, गुड़गांव, आगरा, मथुरा सहित देशभर की कई युवतियों ने श्री बांकेबिहारी जी को प्रेम और श्रद्धा से भरे पत्र भेजे, जिन्हें मंदिर के सेवायतों ने ठाकुर जी के चरणों में अर्पित किया।

दिल्ली की श्रुति सिंह ने लिखा: मेरे प्रिय भैया, मेरे परिवार में बहुत बड़ा संकट चल रहा है, आप सब जानते हैं। कृपा करके इस संकट को दूर करें। झांसी की सुलेखा सिंह ने अपने पत्र में ठाकुर जी को विवाह के विषय में लिखा: बांके बिहारी भैया, मेरी अब तक शादी नहीं हुई है। अब मेरा वर देखने की जिम्मेदारी आपकी है। सेवायतों के अनुसार, इस रक्षाबंधन पर ठाकुर जी को सैकड़ों साथिए (प्रेम-पत्र) और राखियां भेजी गईं, जिनमें बहनों और भक्तों ने अपने मन की बात साझा की। इनमें प्रेम, विश्वास और आस्था का भाव स्पष्ट रूप से झलकता है। संवाद
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