चौमुहां। जैंत थाना क्षेत्र के गांव तेहरा में निराश्रित कुत्तों के झुंड के हमले से घायल 8 वर्षीय श्रृष्टि का दर्द अभी भी खत्म नहीं हुआ है। वह मानसिक रूप से इतनी डर गई है कि स्कूल जाने से भी घबरा रही है।
गत दिन जब श्रृष्टि घर के बाहर थी तभी कुत्तों के झुंड ने उस पर हमला कर दिया था। कुत्तों ने उसे कई जगहों पर काटा, जिससे वह बुरी तरह घायल हो गई। बच्ची के पिता सुमित मिश्रा ने बताया कि वह अपनी बेटी को तुरंत अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टर ने उसे जरूरी इलाज दिया। श्रृष्टि अभी भी पूरी तरह ठीक नहीं हुई है। गहरे घावों के चलते उसे चलने-फिरने में परेशान हो रही है। डर के कारण वह स्कूल जाने का नाम सुनते ही सहम जाती है। सुमित ने बताया कि वह धौरेरा मार्ग स्थित राधा मोहन नगर में रहते हैं।
यहां करीब 15 से 20 कुत्ते घूमते रहते हैं। पहले भी कुत्तों के हमले की कई घटनाएं हो चुकी हैं, जिससे इलाके में डर का माहौल बना हुआ है। श्रृष्टि की मां ऊषा मिश्रा ने बताया कि वह दो महीने पहले ही चित्रकूट से यहां आए हैं। किराए के मकान में रह रहे हैं। उनके पति ओमेक्स में एंट्री गेट पर कार्य करते हैं वह गृहिणी हैं। कहा कि यदि कुत्तों को नहीं पकड़ा जाता है वह यहां से छोड़कर दूसरी जगह रहने पर विवश होंगे। गांव निवासी हितेश लोधी ने बताया कि कुछ लोग कुत्तों को झुंड में खाना खिलाते हैं। समय से खाना न मिलने पर वह इंसानों पर हमला करते हैं। वकील खान ने कहा कि प्रशासन को इन्हें पकड़वाना चाहिए।