मथुरा। वेटरनेरी विवि के मत्स्य विज्ञान महाविद्यालय में तीन दिवसीय एनएफडीबी प्रायोजित अंतर्देशीय खारे क्षेत्रों में झींगा पालन के लिए सर्वोत्तम प्रबंधन पद्धति का प्रशिक्षण शुरू हुआ। प्रशिक्षण के मुख्य अतिथि डॉ. अरुण कुमार मदान ने मछली पालकों को इस प्रशिक्षण का पूरा लाभ उठाने तथा विशेषज्ञों के व्याख्यानों से झींगा पालन की तकनीक सीखने की सलाह दी।
मत्स्य विज्ञान के अधिष्ठाता डॉ. नित्यानंद पांडेय ने झींगा मछलीपालन से होने वाले आय एवं लाभ के विषय में प्रशिक्षणार्थियों से विस्तृत चर्चा की। उन्होंने कहा कि पश्चिमी यूपी का क्षेत्र खारे पानी के संसाधनों से बहुत समृद्ध है जिसका उपयोग झींगा फार्मों के विकास के लिए बहुत अच्छी तरह से किया जा सकता है। यह जिले में पहला प्रशिक्षण है, जिसमें प्रशिक्षुओं को तकनीकी ज्ञान के साथ-साथ व्यावहारिक प्रशिक्षण भी प्रदान किया जाएगा।
प्रशिक्षण में आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र, बिहार, राजस्थान आदि प्रदेशों से भी मत्स्य पालक एवं छात्र उपस्थित रहे। डॉ. अतुल सक्सेना, डॉ. विनोद कुमार, डॉ. विकास पाठक, डॉ. राजेंद्र सिंह चंदेल, डॉ. देबतनु बरमन, डॉ. लक्ष्मी प्रसाद, डॉ. परमवीर सिंह, डॉ. मुक्ता सिंह आदि लोग मौजूद रहे। संवाद