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Mathura News: खाद की किल्लत ने छीनी नींद

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कृषक भारती सेवा केंद्र पर खाद लेने के लिए लाइन में लगी महिलाएं।
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मथुरा। खेत बो दिए गए हैं, उम्मीदों की फसल लहलहाने को तैयार है, लेकिन खाद की किल्लत ने किसानों की नींद उड़ा दी है। खाद समितियों के बाहर लगीं लंबी कतारों में सबसे ज्यादा महिलाएं नजर आईं। कोई अपनी गोद में बच्चा लेकर खड़ी थी, तो कोई धूप से बचने के लिए सिर पर छाता लगाए तैनात थी। घंटों की मशक्कत के बाद भी कई किसानों को बिना खाद खाली हाथ ही लौटना पड़ा।
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खरीफ सीजन में 1.94 लाख हेक्टेयर में धान, बाजरा, ज्वार, मूंग, उड़द, तिल, अरहर के अलावा अन्य फसल की गई हैं। वहीं अब रबी सीजन में 20 सितंबर के बाद सरसों, गेहूं, आलू की फसल के लिए किसान तैयारी कर रहे हैं। इसी को देखते हुए खाद लेने के लिए किसान सुबह से ही समितियों पर पहुंच रहे हैं। समिति पर भीड़ बढ़ने पर पुलिस तक लगानी पड़ रही है, लेकिन किसानों की परेशानी कम नहीं हो रही है। मांट, गोवर्धन, चौमुहां, छाता, नौहझील, बलदेव, सौंख, महावन समिति पर दिनभर किसान खाद के लिए पहुंच रहे हैं। उधर, राया के कृषक भारती सेवा केंद्र पर लाइन में लगे किसान रामकुमार, सुभाष, देवेंद्र, संतोष ठाकुर, पंकज दीक्षित ने कहा कि बाजार में खाद महंगे दाम पर बिक रही है। यहां खाद की एक बोरी लेने के लिए किसान को पहले टोकन के लिए लाइन में लगना पड़ रहा है, फिर खाद की बोरी लेने को धक्कामुक्की झेलना पड़ रही है।

अधिकारी बोले, पर्याप्त खाद उपलब्ध है
कृषि विभाग के अधिकारियों ने कहा कि जिले की 79 सहकारी समितियों एवं निजी दुकानों पर 9 सितंबर तक यूरिया 13311 मीट्रिक टन, डीएपी 6244 मीट्रिक टन और एनपीके 3462 मीट्रिक टन उपलब्ध है। किसानों की मांग के अनुसार और खाद मंगाई गई है। उन्होंने कहा कि एक अप्रैल से अब तक डीएपी की 11814 मीट्रिक टन की बिक्री हो चुकी है। जो वर्ष 2024 के सापेक्ष 3892 मीट्रिक टन अधिक है। अधिकारियों का कहना कि किसानों के लिए खाद की कमी नहीं होने दी जाएगी।
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किसानों की बात

खाद लेने के लिए किसानों को हर सीजन में चक्कर लगाने पड़ते हैं। सुबह से लाइन में लग रहे हैं, तब जाकर शाम को खाद मिल रही है।
- सुशील चौधरी, किसान

खाद लेने के लिए समितियों पर सुबह 8 बजे से पहुंच रहे हैं। पहले टोकन लेने को, फिर डीएपी लेने के लिए लाइन में लगना पड़ रहा।
- नीरज सोलंकी, किसान


किसानों की फसल के लिए खाद उपलब्ध है। नई रैक भी आ रही है। किसानों को खाद के लिए परेशान नहीं होने दिया जाएगा।
- आवेश कुमार सिंह, जिला कृषि अधिकारी
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