मथुरा। फर्जी फर्म बनाकर करोड़ों रुपये का जीएसटी घोटाला करने वाले की जमानत याचिका मंगलवार को जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने खारिज कर दी।
एसपी क्राइम अवनीश कुमार ने बताया कि छाता कोतवाली के भगत सिंह ने अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर कई फर्जी फर्म बनाईं और करोड़ों रुपये की खरीद फरोख्त के बिल बनाए। फर्जी बिलों का संज्ञान जीएसटी विभाग ने लिया तो मोहन नामक व्यक्ति के नाम जीएसटी का रजिस्ट्रेशन मिला। उसके पास करोड़ों रुपये की जीएसटी का जब नोटिस पहुंचा, तो उसके होश फाख्ता हो गए। इतना ही नहीं मोहन की पत्नी शशि के नाम पर भी करोड़ों रुपये की जीएसटी के बिल काटे गए थे। जीएसटी पंजीकरण कराने में मोहन के आधार कार्ड और पैन कार्ड का प्रयोग किया गया था। रजिस्ट्रेशन में जो पता दर्ज कराया गया था वह मोहन का नहीं था।
इस पर पीड़ित मोहन ने छाता कोतवाली में भगत सिंह आदि के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराया। पुलिस ने भगत सिंह सहित 3 लोगों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेजा था। जेल में बंद भगत सिंह ने अधिवक्ता के माध्यम से जमानत के लिए जिला जज विकास कुमार की अदालत में अर्जी दाखिल की। कोर्ट ने जमानत याचिका खारिज कर दी।
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