वृंदावन। योगी सरकार द्वारा बांकेबिहारी मंदिर कॉरिडोर परियोजना के लिए बजट आवंटन की घोषणा के बाद श्रद्धालुओं और ब्रजवासियों में खुशी की लहर है। वहीं, स्थानीय दुकानदार और मंदिर सेवायत इस घोषणा से परेशान हैं। पूरे दिन बजट और कॉरिडोर को लेकर चर्चा होती रही।
श्रद्धालुओं का मानना है कि इस कॉरिडोर के बनने से मंदिर में दर्शन व्यवस्था बेहतर होगी। भीड़-भाड़ की समस्या कम होगी और धार्मिक पर्यटन को नया आयाम मिलेगा।
हालांकि, दूसरी ओर मंदिर सेवायत और स्थानीय दुकानदार इस परियोजना को लेकर नाराजगी जता रहे हैं। सेवायतों का मानना है कि यह परियोजना मंदिर की पारंपरिक व्यवस्था को बाधित कर सकती है और उनकी धार्मिक भूमिकाओं को सीमित कर सकती है। स्थानीय दुकानदारों को यह डर सता रहा है कि पुनर्विकास के दौरान उनकी दुकानों को हटाया जा सकता है, जिससे उनकी आजीविका पर संकट मंडरा रहा है।
दुकानदार नीरज गौतम का कहना है हम बजट और योगी सरकार का स्वागत करते हैं। लेकिन अगर वृंदावन के मूल स्वरूप से खिलवाड़ किया जाएगा या कुंज गलियों को बंद किया जाएगा तो बर्दाश्त से बाहर होगा। ब्रजवासी इसका विरोध करेंगे।
अशोक कुमार गोस्वामी का कहना है कि मंदिर को किसी प्रकार के पैसे की जरूरत नहीं है। मंदिर न्यायपालिका के अधीन चलता है। हम कॉरिडोर की जरूरत नहीं है।