शेरगढ़। मौसम की मार और मंदी झेल रहे किसानों ने जिला प्रशासन पर सर्वे के नाम पर खानापूर्ति का आरोप लगाया है। किसानों का कहना है कि तहसील के कमरे में बैठ कर कागजी सर्वे किया गया है। तहसील का कोई भी अधिकारी या कर्मचारी मौके पर खेतों की जांच करने नहीं आई है।
रान्हेरा के किसानों के कहना है कि आंधी, बारिश और ओले के कारण सभी किसानों की आधी से ज्यादा फसल बर्बाद हो चुकी हैं। आधी बची फसल भी खराब होने के कगार पर है। सरकार ने फसलों के सर्वे का आदेश दिया है, लेकिन तहसील के कर्मचारी और अधिकारी कमरों में बैठकर ही सर्वे कर रहे हैं।
शेरगढ़ क्षेत्र और रान्हेरा के किसानों ने छाता राजस्व टीम और लेखपाल पर गलत सर्वे का आरोप लगाया है l स्थानीय किसान थान सिंह छौंकर, जितेंद्र कुमार शास्त्री, योगेंद्र गौतम, पवन पोरचा, दिगंबर सिंह और सतीश रावत आदि ने दोबारा सही तरीके से सर्वे कराने की मांग प्रशासन से की है।