मथुरा। शहर की वंचित काॅलोनियों में सीवर लाइन बिछाने की तैयारी की जा रही है। वर्तमान में 21.43 फीसदी क्षेत्रों में ही सीवर लाइन की व्यवस्था है। इसलिए नगर निगम ने शत-प्रतिशत सीवर लाइन बिछाने का प्रस्ताव तैयार किया है। 511 करोड़ रुपये से कार्य कराया जाएगा। इसके लिए अगले माह से सर्वे शुरू होगा।
वर्तमान में नगर निगम मथुरा-वृंदावन में सीवरेज नेटवर्क मात्र 21.43 प्रतिशत है। शेष 78.57 प्रतिशत सीवर व्यवस्था के लिए अमृत-2.0 योजना के अंतर्गत प्लान तैयार किया गया है। वर्तमान में 78 फीसदी क्षेत्रों का सीवर का गंदा पानी खुले नालों के माध्यम से टैपिंग करके सीवेज शोधन संयंत्रों पर पहुंच रहा है। जल निगम के अधिकारियों ने विभिन्न क्षेत्रों में सीवर लाइन बिछाने प्रस्ताव तैयार कर स्वीकृति के लिए शासन को भेजा है। सिटी वाटर एक्शन प्लान की स्वीकृति के बाद 511 करोड़ रुपये की लागत से सीवर लाइन बिछाई जाएगी। इसके लिए अगले माह से सर्वे कार्य शुरू होगा। संवाद
वर्तमान में इन क्षेत्रों में है सीवर व्यवस्था
वर्तमान में मसानी, वृंदावन (अधिकतर कॉलोनी), ट्रांस यमुना और लक्ष्मीनगर (अधिकतर कॉलोनी) इन क्षेत्रों में सीवर लाइन पड़ी है। नई सीवर लाइन बिछाने के लिए नगर निगम ने मथुरा-वृंदावन को 5 जोन में बांटा है। चार एसटीपी प्लांट लगाने का भी प्रस्ताव है।
दो एसटीपी प्लांट हैं निर्माणाधीन
नगर निगम मथुरा-वृंदावन में वर्तमान में 79.30 एमएलडी सीवेज का शोधन किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त जल निगम द्वारा 2 एसटीपी प्लांट निर्माणाधीन हैं। इनकी कुल क्षमता 73 एमएलडी है। दोनों प्लांट शुरू होने के बाद सीवेज का शोधन की क्षमता 152.30 एमएलडी हो जाएगी।
वर्जन
वर्तमान में मथुरा-वृंदावन में 21.43 प्रतिशत सीवर लाइन पड़ी हुई हैं। बाकी क्षेत्रों में सीवर लाइन बिछाने का प्रस्ताव बनाया गया है। 511 करोड़ रुपये से यह कार्य कराया जाएगा। अगले माह से सर्वे कार्य शुरू होगा।
-शशांक चौधरी, नगर आयुक्त