मंडलायुक्त बोले- मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए फैसला
मंडलायुक्त शैलेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि ये सभी फैसले शासन स्तर पर वृंदावन की मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए लिए गए हैं। उन्होंने व्यापारियों को आश्वस्त किया कि कॉरिडोर से किसी का अहित नहीं होगा, बल्कि श्रद्धालुओं की संख्या में बढ़ोतरी होगी। इससे व्यापार में बढ़ोतरी होगी। साथ ही वृंदावन पर्यटन हब के रूप में विकसित होगा। साथ ही लोगों के लिए रोजगार के लिए अवसर भी पैदा होंगे। मंडलायुक्त ने वाराणसी का उदाहरण देते हुए इसके सफल होने की बात कही।
जिलाधिकारी सीपी सिंह ने स्पष्ट किया कि मंदिर न्यास बनने से गोस्वामीजनों के अधिकारों में कोई कटौती नहीं होगी, उनकी सेवा पूजा पहले की तरह जारी रहेगी और उनकी सुरक्षा के भी पूरे इंतजाम किए जाएंगे। इस दौरान अपर जिलाधिकारी प्रशासन डॉ. अमरेश कुमार, एसडीएम सदर अभिनव जे जैन सहित स्थानीय भाजपा नेता, पार्षद और बड़ी संख्या में व्यापारी उपस्थित रहे।
अधिकारियों के समर्थन में आए लोग
ट्रस्ट बनने की अधिसूचना जारी होने के बाद से अधिकारी सेवायतों की नब्ज टटोलने में लगे हैं। बीते एक सप्ताह से आला अधिकारी वृंदावन की गलियों के चक्कर काट रहे हैं। हालांकि हर बार निराशा ही हाथ लगी है, लेकिन सोमवार को हुई सामूहिक बैठक में कुछ लोगों ने अपना समर्थन दिया है। इसके अलावा व्यापारी समेत साधु-संत व सेवायत समाज छोड़कर वृंदावनवासी कॉरिडोर निर्माण के इच्छुक हैं।