मथुरा। मथुरा-वृंदावन में प्रतिदिन के जाम से श्रद्धालुओं के साथ ही यहां के लोग भी आजिज आ चुके हैं। इस बार ट्रैफिक सुधार के लिए केवल पुलिस प्रशासन ही नहीं बल्कि नगर निगम, मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण, एनएचएआई सहित कई विभाग संयुक्त रूप से कार्य करेंगे। रोड इंजीनियरिंग की खामियों को भी यातायात सुधार में शामिल किया गया है।
यातायात सुधार के लिए शुरू की गई इस मुहिम के लिए नगर निगम ने दिल्ली की एक अर्बन मोबिलिटी प्लानर एजेंसी के साथ अनुबंध किया है। यह एजेंसी गुजरात के राष्ट्र रक्षा विश्वविद्यालय के विशेषज्ञों के साथ महत्वपूर्ण कदम उठाएगी। इन्हीं सुधारों में वृंदावन में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए परिवहन का एकमात्र साधन ई-रिक्शा हैं। यह ई-रिक्शा बेलगाम हैं। इनके कारण गलियों से लेकर मुख्य मार्गों तक पर जाम के हालात बने रहते हैं। यातायात पुलिस ने सबसे पहले ई-रिक्शा के व्यवस्थित संचालन की रूपरेखा बनाई है। इसके लिए वृंदावन में भीड़ वाले स्थानों पर बैरियर लगेंगे। जिन ई-रिक्शा पर बार कोड होगा, बैरियर पर उन्हें स्कैन करके अंदर किया जाएगा। बगैर बार कोड वाले ई-रिक्शा बैरियरों को पार नहीं कर सकेंगे। पुलिस ने जब ई-रिक्शा का रिकॉर्ड निकलवाया तो किसी पर 80 तो किसी पर 50 चालान निकले। एसपी ट्रैफिक मनोज कुमार का कहना है कि नियमों का उल्लंघन करने वाले ऐसे ई-रिक्शा को नगर में संचालन की अनुमति नहीं दी जाएगी। जिन ई-रिक्शा को बार कोड आवंटित किए जाएंगे, उनकी भी निगरानी की जाएगी। तीन बार से ज्यादा चालान होने पर उन्हें भी बार कोड से वंचित करने की योजना है।
इसी तरह नरहौली चौराहे पर भी यातायात को नियंत्रित करने की योजना है। प्रशासनिक अधिकारियों का मानना है कि यहां फ्लाईओवर बनाए जाने से ट्रैफिक सुचारू हो सकता है। इसी तरह हाईवे के अन्य मार्गों पर भी रोड इंजीनियरिंग की खामियों को सुधारा जाएगा। वहीं अत्यधिक ट्रैफिक दबाव वाले स्थान मसानी चौराहा, नया बस स्टैंड, धौलीप्याऊ, स्टेट बैंक चौराहों पर भी सुचारु यातायात के लिए प्लान तैयार किया जा रहा है।
आठ से चलेगा अतिक्रमण हटाने का अभियान
मथुरा। प्रमुख चौराहों पर अतिक्रमण के कारण लगने वाले जाम से निपटने के लिए इनका चिह्नांकन किया गया है। नगर आयुक्त ने बताया कि 8 दिसंबर से गोवर्धन चौराहे सहित अन्य प्रमुख चौराहों पर यातायात में बाधा बन रहे अतिक्रमण को हटाने की कार्रवाई पुलिस के साथ मिलकर की जाएगी। इस दौरान अस्थायी और स्थायी अतिक्रमणों को हटाया जाएगा। इसके अलावा नगर निगम में ई-रिक्शा का पंजीकरण और बार कोड के लिए पंजीकरण भी शुरू होंगे।