मथुरा। खेत में भैंस घुसने के दौरान हुए विवाद में मां की गोद से गिरकर सात वर्षीय बालिका की मौत के मामले में अदालत ने अभियुक्त को सात वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने अभियुक्त पर पांच हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
गोवर्धन थाना क्षेत्र के ग्राम पलसों में 23 सितंबर 2014 की शाम 7 बजे गांव में रहने वाले चंद्रपाल के भाई नरेश की भैंस मोहन पुत्र सुकन के खेत में घुस गई। इसी बात को लेकर मोहन ने चंद्रपाल की चचेरी बहन ललतेश के साथ गाली-गलौज करते हुए लाठी-डंडों से मारपीट शुरू कर दी थी। इस दौरान ललतेश की गोद में लगी डेढ़ माह की पुत्री राधे गिर गई और उसकी मौके पर ही मौत हो गई थी। इस घटना की रिपोर्ट चंद्रपाल ने मोहन के खिलाफ गोवर्धन थाने में दर्ज कराई थी।
पुलिस ने बच्ची की गैर इरादतन हत्या के मामले में मोहन को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया। केस की सुनवाई विशेष न्यायाधीश राम किशोर की अदालत में हुई। एडीजीसी चंद्रभान ने बताया कि अदालत ने अभियुक्त मोहन को बच्ची की गैर इरादतन हत्या का दोषी मानते हुए सात वर्ष के कारावास और 5 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। अभियुक्त जमानत पर था। निर्णय सुनाए जाने के बाद अदालत ने उसका सजाई वारंट बना कर उसे सजा भुगतने के लिए जेल भेज दिया है।