वृंदावन। विश्व प्रसिद्ध श्रीबांकेबिहारी मंदिर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रस्तावित दौरे से पहले मंदिर के कुछ सेवायतों को नजरबंद कर दिया गया। इसकी कई वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल होती रहीं, जिनमें सेवायतों के घरों के बाहर पुलिस तैनात दिखाई दे रही है।
मंदिर से जुड़े सेवायतों और गोस्वामियों का आरोप है कि मुख्यमंत्री के कार्यक्रम से पहले पुलिस प्रशासन ने एहतियातन उन्हें घरों से बाहर निकलने से रोक दिया। कई सेवायतों के घरों के बाहर पुलिसकर्मी तैनात कि गई, जिससे वे मंदिर या अन्य स्थानों पर न जा सकें। सेवायतों ने प्रशासन की इस कार्रवाई पर नाराजगी जताते हुए सवाल उठाए हैं।
सेवायत हिमांशु गोस्वामी ने कहा कि मंदिर गोस्वामियों से सरकार को किस बात का खतरा हो सकता है, जो उनको अपराधियों की तरह पकड़ लिया गया। नीलम गोस्वामी ने कहा कि हम तो केवल मंदिर की परंपराओं और व्यवस्थाओं को लेकर अपनी बात रखते हैं। ऐसे में हमें नजरबंद करना समझ से परे है। दीपक पाराशर का कहना है कि पुलिस प्रशासन ने सेवायतों को जिस तरीके से घरों में नजरबंद किया, वह ठीक नहीं है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी सच्चाई से रूबरू होना नहीं चाहते हैं, लेकिन उनको समझना चाहिए कि वह एक लोकतांत्रिक देश के लोकतांत्रिक प्रदेश के मुखिया हैं। इन सब से पहले वह एक जनसेवक हैं। हम लोग प्रेम से माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलते और उनसे कॉरिडोर रुपी राक्षस के जरिए वृंदावन को बर्बाद न करने के लिए ज्ञापन देकर अपनी बात रखते, इससे ज्यादा क्या करते।