सेवायत बोले- मंदिर हमारा, व्यवस्था पर क्यों होगा बाहरी लोगों का कब्जा
सेवायतों ने कहा कि यह मंदिर उनकी परंपरागत आस्था और सदियों पुरानी सेवा से जुड़ा है। मंदिर की व्यवस्था में बाहरी लोगों की नियुक्ति वे नहीं स्वीकार करेंगे। विलास गोस्वामी ने कहा कि हमसे कहा जा रहा है कि व्यवस्था सुधरेगी। पर हमारी व्यवस्था में कमी क्या है। अगर कोई सुझाव देना है तो दीजिए लेकिन मंदिर की कमान हमारे हाथ से छीनना मंजूर नहीं। ट्रस्ट की नियमावली को लेकर भी आपत्ति जताई। उनका कहना है कि प्रस्तावित ट्रस्ट में प्रशासनिक अधिकारियों की संख्या ज्यादा होगी और सेवायत अल्पमत में रहेंगे। इससे स्पष्ट है कि निर्णय लेने का अधिकार सिर्फ शासन के पास होगा।
मथुरा के जिलाधिकारी सीपी सिंह ने बताया कि प्रस्तावित कॉरिडोर और न्यास की वजह से किसी को भी परेशानी नहीं होगी। शासन और प्रशासन इस बात के लिए भरोसा दिलाता है कि जिसका भी नुकसान होगा उसे उचित मुआवजा दिया जाएगा। जिसकी दुकान जाएगी उसे दुकान भी दी जाएगी। सभी को यह बात समझनी चाहिए कि सरकार किसी का अहित नहीं करेगी। बल्कि व्यवस्था में सुधार को कार्य किया जा रहा है।