गोवर्धन। सेवा केवल एक काम नहीं, बल्कि साधना का स्वरूप है। यदि सेवा करते समय मन में किसी प्रकार की अपेक्षा, तुलना या राग-द्वेष आ जाए तो उसकी पवित्रता समाप्त हो जाती है। यह विचार जगद्गुरु पीपाधीश्वराचार्य बलरामदास देवाचार्य महाराज ने श्रीराम बाबूजी अग्रवाल और स्व. प्रेमवती अग्रवाल की पुण्य स्मृति में बृजवासी परिवार के सौजन्य से कल्याणं करोति नेत्र संस्थान, मथुरा द्वारा आयोजित निशुल्क नेत्र चिकित्सा शिविर के शुभारंभ में रखे।
शिविर का आयोजन मंगलवार को कल्याणं करोति नेत्र संस्थान, गोवर्धन रोड स्थित परिसर में किया गया। एडीएम नमामि गंगे राकेश सिंह ने कहा कि नेत्र चिकित्सा और पुनर्वास के माध्यम से व्यक्ति को आत्मनिर्भर बनाने का काम किया जाता है। कल्याण दास अग्रवाल, रतन लाल फूलकटोरी देवी विद्यालय की प्रधानाचार्य नीता सिंह, कल्याणं करोति नेत्र संस्थान के महासचिव सुनील कुमार शर्मा ने अपने विचार रखे। शिविर में कुल 348 नेत्र रोगियों की जांच की गई, जिनमें से 101 रोगियों के ऑपरेशन किए गए। कार्यक्रम का संचालन निरूपम भार्गव ने किया।