प्रदेश की एक मात्र रिफाइनरी की सुरक्षा से खुलेआम खिलवाड़ किया जा रहा है। हाईअलर्ट के बावजूद रिफाइनरी की सुरक्षा को बनाए गए बंकर और वॉच टावरों पर एक भी सुरक्षाकर्मी तैनात नहीं है।
जिले में रिफाइनरी, श्रीकृष्ण जन्मस्थान सहित दर्जनों मंदिरों पर आतंकी हमले की आशंका को देखते हुए विशेष सुरक्षा करने की बात कही जाती है। रिफाइनरी की सुरक्षा और आपातकाल की स्थिति से निपटने के लिए हर माह डेढ़ दर्जन थानों की पुलिस के साथ रिहर्सल किया जाता है, इसके बाद भी रिफाइनरी की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है।
26 जनवरी को अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा के आगरा में ताज का दीदार करने एक्सप्रेसवे से आने की योजना के बाद रिफाइनरी परिसर के पास सुरक्षा कड़ी करने के लिए आनन फानन में 10 बंकर बनाए गए थे। इन पर रिफाइनरी और पुलिस प्रशासन की ओर से लाखों रुपये खर्च किए। इसमें मोटी फाइबर शीट के एक फायर प्रूफ बंकर पर 50 हजार रुपये से अधिक का खर्चा आया।
भूमिगत बंकर भी बनाए गए। इनके बनने के बाद एक माह तक तो इनमें सुरक्षा कर्मी तैनात रहे, लेकिन उसके बाद रिफाइनरी की सुरक्षा रामभरोसे है। इनमें छह माह से कोई सुरक्षाकर्मी तैनात नहीं किया गया है। इनमें रिफाइनरी पुलिस के साथ सीआईएसएफ के जवानों को सुरक्षा के लिए तैनात किया गया था। हालात यह है कि भूमिगत बंकरों के रेत के बैग फट गए हैं।