यमुना की अविरल धारा और किनारे के समानांतर नाले की मांग पूरी होने में देरी से यमुना भक्तों में असंतोष बढ़ रहा है। शनिवार को यमुना मुक्तिकरण अभियान की बैठक में इस पर मंथन हुआ। कहा गया कि जल्द एक शिष्टमंडल केंद्र सरकार के वरिष्ठ मंत्रियों से मिलेगा और इस संबंध में दबाव बनाएगा। बैठक में इस मुद्दे पर दिल्ली में धर्म संसद बुलाने की बात भी कही गई।
शनिवार को यमुना मुक्तिकरण अभियान के पदाधिकारी, संतों और भागवताचार्यों की कृष्ण कृपाधाम में बैठक हुई। यमुना मुक्तिकरण अभियान के संयोजक राधाकांत शास्त्री ने कहा कि हमें सरकार से बहुत आशा थी लेकिन अब उन पर पानी फिरता दिख रहा है। यमुना के मुद्दे को लेकर केन्द्र सरकार द्वारा अपनाया जा रहा रवैया बेहद ढीला है। केन्द्र और हरियाणा राज्य दोनों में भाजपा की सरकार हैं तो फिर क्यों संतों की सरकार कहलाने वाली भाजपा संतों की पूज्य यमुना की अविरलता और निर्मलता में देरी कर रही है।
उन्होंने कहा कि यमुना में अविरल धारा की मांग को लेकर मार्च में यमुना मुक्तिकरण अभियान के तहत दिल्ली में उमड़े जनसैलाब और संतों के दबाव ने केन्द्र सरकार को अभियान की मांग मानने पर विवश कर दिया था। तत्कालीन कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद द्वारा जंतर-मंतर पर आंदोलनकारियों के मध्य में आकर सरकार की ओर से निर्णय की घोषणा कर देना है। उन्होंने यमुना मुक्तिकरण अभियान की दोनों मांगों को मानने की बात कही थी। यमुना में अविरल जल प्रवाह के लिए अध्यादेश लाने की प्रक्रिया के लिए दो माह का समय मांगा। परंतु अब दो माह की बजाय चार माह का समय बीत गया।
गीता मनीषी ज्ञानानंद महाराज ने कहा कि अभी हमें सरकार की मंशा पर शक नहीं करना चाहिए। भारत सरकार और हरियाणा सरकार दोनों से वार्ता के बाद यदि यमुना की अविरलता और निर्मलता में बाधा आती है तो फिर से हम दिल्ली में धर्म संसद बुला सकते हैं।
भागवत प्रवक्ता मृदुलकांत शास्त्री ने कहा कि अभियान की मांगों को लेकर ही जंतर-मंतर पर केन्द्रीय मंत्री द्वारा सरकार के निर्णय की घोषणा की थी जो ऑन रिकार्ड एवं सर्वविदित है इसके बाद भी यदि सरकार यह कार्य नहीं करती तो इससे संत समाज क्षुब्ध होगा और सरकार की ही किरकिरी होगी।
बैठक के बीच साध्वी ऋतंभरा से बात भी इुई जिसमें उन्होंने कहा कि वह केन्द्र सरकार पर दबाव बना रही हैं। यमुना मुक्तिकरण अभियान के राष्ट्रीय सलाहकार राधाप्रिय ने बताया कि जल्द ही ज्ञानानन्द जी महाराज के नेतृत्व में यमुना मुक्तिकरण अभियान का एक शिष्टमंडल हरियाणा के मुख्यमंत्री से यमुना मुद्दे पर मिलेगा। अभियान के राष्ट्रीय महासचिव हरेश ठेनुआ, जिला संयोजक पंकज चतुर्वेदी उपस्थित रहे।