मथुरा। उवर्रक की अधिक मांग के चलते सरकारी अधिकारी इसमें कालाबाजारी करने से बाज नहीं आ रहे हैं। ऐसा ही एक प्रकरण गाेवर्धन सींगापट्टी में सामने आया है। जिसमें सहकारी समिति के सचिव ने किसानों से यूरिया की बोरियों की संख्या छिपाते हुए अपने चहेतों को उर्वरक की बोरियां बेचीं। जिसकी शिकायत पर आंकडों का मिलान किया गया। जिसमें सचिव को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि गोवर्धन सींगापट्टी सहकारी समिति में अगस्त माह में बेची गईं उरर्वक की बोरियों के खरीदारों का सत्यापन कराया गया था। जांच में सहकारी समिति के सचिव रामवीर ने पॉश मशीन से किसानों को यूरिया की बोरियों की कमी बताकर अपने चहेतों को बेच दिया। कृषि अधिकारी ने बताया कि जब सत्यापन किया गया तो पाया कि नवाब सिंह पुत्र लाखन सिंह 5 बोरी, संजय सिंह पुत्र रामवीर ने 6 बोरी, लक्ष्मण सिंह पुत्र खजान सिंह ने 5 बोरी, दीनदयाल पुत्र चरण सिंह ने 6 अगस्त 2025 को 5 बोरी यूरिया खरीदा था। जबकि सचिव ने पॉश मशीन में 40-40 यूरिया की बोरियों की बिक्री दिखाई थी। संवाद