मथुरा। छात्रवृत्ति घोटाले में अभी तक एफआईआर दर्ज न होने पर शासन ने समाज कल्याण विभाग को पत्र भेजकर 11 बिंदुओं पर एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। इस पत्र के आने के बाद विभागीय अधिकारी अध्ययन कर शासन की मंशा के अनुरूप एफआईआर दर्ज कराने में जुट गए हैं। जानकारी रहे करोड़ों रुपये की छात्रवृत्ति के घोटाले में समाज कल्याण अधिकारी करुणेश त्रिपाठी को शासन ने निलंबित कर दिया है और अब विभागीय जांच की जा रही है।
छात्रों के फर्जी कागजात लगाकर करोड़ों रुपये डकारने के मामले में शासन ने लगाम कस दी है। पूर्व में शासन के निर्देशों के बाद भी एफआईआर नहीं होने के बाद शासन ने बृहस्पतिवार को पुन: पत्र भेजा है। यह पत्र डीएम को भेजा गया। डीएम ने इसे सीडीओ को भेजा। पत्र मिलते ही समाज कल्याण विभाग के अधिकारी इस पत्र के अनुपालन में एफआईआर दर्ज करने की कार्रवाई में जुट गए। उनके द्वारा पत्र में दिए गए बिंदुओं का क्रमवार अध्ययन किया गया और तहरीर तैयार की गई। यह काम समाज कल्याण अधिकारी रमाशंकर गुप्ता तथा अन्य विभागीय अधिकारी देर शाम तक इस कार्रवाई में जुटे रहे।
बाबुओं की अलमारियों पर नजर
विभाग के अधिकारियों ने छात्रवृत्ति घोटाले में निलंबित हुए बाबुओं की अलमारियों पर नजर रखना प्रारंभ कर दिया है। समाज कल्याण अधिकारी रमाशंकर गुप्ता ने बताया कि अभी हम सभी कागजात जुटा रहे हैं। जिन बाबुओं के खिलाफ कार्रवाई हुई है हम उन पर नजर रखे हैं क्योंकि अलमारियों में रखे दस्तावेज जांच का हिस्सा हैं।