वृंदावन में 12 दिनों के एकांतवास के बाद संत प्रेमानंद महाराज आश्रम से बाहर आए तो उनके दर्शन के लिए भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी। संत को देखकर कई भक्त भावुक हो गए और ‘राधे-राधे’ के जयकारों से पूरा आश्रम गूंज उठा।
पिछले 12 दिनों से एकांतवास में गए संत प्रेमानंद महाराज रात को रमणरेती स्थित आश्रम से निकले। कुछ दूरी तक पैदल चलने के बाद वह कार से कीकी नगला की ओर एकांतवास के लिए चले गए। कई दिनों के बाद संत के दर्शन कर भक्तजन भावुक हो गए। श्रीहित हरिवंश और श्री राधा-राधा के जयकारे लगाने लगे। भक्तों में संत दर्शन की होड़ सी मच गई।
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संत प्रेमानंद बुधवार तड़के करीब साढ़े तीन बजे रमणरेती स्थित श्रीहित राधा केलि कुंज आश्रम से बाहर आए। पुराने अंदाज में शिष्यों के साथ दोनों हाथों से भक्तों को आशीर्वाद देते हुए संत कुछ दूरी तक पैदल चले। इसके बाद वह कार में बैठ कर कीकी की नगला की ओर एकांतवास के लिए चले गए। करीब एक घंटे बाद वह कार से आश्रम वापस लौटे।
इस दौरान जैसे ही संत आश्रम से बाहर आए तो उनके दर्शन के लिए भक्तों की भीड़ लग गई। भक्त इतने भावुक हो गए कि उनकी आंखों से अश्रु धारा बहने लगी। पिछले 12 दिनों से संत प्रेमानंद एकांतिक वार्ता और दर्शन नहीं दे रहे हैं। पिछले दिनों सामने आए उनके भावुक संदेश में वह एकांतवास में जाने का संकेत दे रहे थे।