वृंदावन। होली के अवसर पर संत प्रेमानंद महाराज ने भक्तों को एक महत्वपूर्ण संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि यह पर्व प्रेम, भाईचारे और आध्यात्मिक शुद्धि का प्रतीक है, इसलिए इसे पवित्रता और मर्यादा के साथ मनाया जाना चाहिए।
महाराज ने अपने प्रवचन में विशेष रूप से नशे से दूर रहने की बात कही। उन्होंने कहा कि होली उल्लास का पर्व है इसे किसी भी प्रकार के नशे या अनुचित आचरण से दूषित न करें। उन्होंने यह भी आग्रह किया कि हर व्यक्ति माता-बहनों का सम्मान करे और किसी के प्रति बुरी दृष्टि न रखे।
संत प्रेमानंद महाराज ने प्रह्लाद और हिरण्यकश्यप की कथा का उल्लेख करते हुए कहा कि हमें प्रह्लाद की भक्ति और सत्यनिष्ठा को अपनाना चाहिए न कि हिरण्यकश्यप जैसी अधर्म की राह पर चलना चाहिए।