संत कुलविंदर महाराज से आर्शीवाद ग्रहण करते ब्रहामण महासभा के पदाधिकारी।
वृंदावन। संत कुलविंदर महाराज ने कहा कि ईश्वर की अनुकंपा से संतत्व आता है और भक्ति फूलती-फलती है। भक्त एवं संत तो सभी का कल्याण चाहते हैं, इसके लिए वह सदैव भगवान का स्मरण कराने का कार्य करते हैं।
यह विचार उन्होंने बड़े रास मंडल पर आयोजित तीन दिवसीय भक्तमाल कथा के अवसर पर व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि भक्तों की कथाओं का श्रवण करने से साधक के जीवन में साधना का बल प्रबल हो जाता है। वह साधक अपने वास्तविक लक्ष्य को गुरु कृपा से सहज ही प्राप्त कर लेता है। भगवत भक्तों के गुण और चरित्रों का श्रवण - कीर्तन करने से इस संसार में कीर्ति और सभी प्रकार के कल्याण की प्राप्ति होती है। राधा दामोदर मंदिर के सेवायत कनिका गोस्वामी ने कहा कि भक्तमाल कथा के श्रवण से भक्तों के व्यवहार, गुण और भावों का पता चलता है, जो हमें भगवत मार्ग पर अग्रसर होने की प्रेरणा देता है। इस दौरान ब्राह्मण महासभा के पदाधिकारियों ने संत कुलविंदर महाराज का सम्मान किया।
इस अवसर पर रास मंडल के महंत लाडली शरण महाराज, ब्राह्मण महासभा के संस्थापक सुरेश चंद्र शर्मा, ब्राह्मण महासभा के अध्यक्ष महेश भारद्वाज, भागवताचार्य हरेकृष्ण शरद, गोपाल शरण शर्मा, दामोदर चंद्र गोस्वामी, महंत राधाप्रसाद देव जू महाराज, कथा व्यास गोपाल भैया, अखिल भारतवर्षीय ब्राह्मण महासभा के बिहारीलाल वशिष्ठ, महंत मोहिनी शरण, रामकमल वेदांती, प्रथमेश लाल गोस्वामी,आचार्य बद्रीश, राधाकांत शर्मा आदि मौजूद रहे।