मथुरा। ग्रामीण क्षेत्रों के लिए बेहतर परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शुरू की गईं मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना जिले में पटरी से उतरती नजर आ रही है। गांवों को कस्बों और मुख्यालय से जोड़ने के लिए संचालित की जा रहीं ये बसें अब निर्धारित मार्गों को छोड़कर मुख्य सड़कों पर दौड़ रही हैं। इससे ग्रामीणों काे अपेक्षित लाभ नहीं मिल पा रहा है।
परिवहन विभाग ने अप्रैल 2026 में योजना के तहत 29 निजी बस ऑपरेटरों को निशुल्क परमिट जारी किए थे। इन बसों का संचालन जनपद के 10 विकासखंडों के गांवों और ग्राम पंचायतों को जोड़ने के लिए किया गया था। इसके लिए बस स्वामियों के साथ 10 वर्ष का अनुबंध किया गया था। निर्धारित व्यवस्था के अनुसार बसों को सुबह गांवों से शुरू कर दिन में दो फेरे लगाने थे। ग्रामीणों का आरोप है कि पिछले कई महीनों से कई बस संचालक ग्रामीण मार्गों को छोड़कर वृंदावन, बरसाना और अन्य व्यस्त मुख्य मार्गों पर बसों का संचालन कर रहे हैं जबकि नियमानुसार उनका संचालन गांवों से होना चाहिए।
गांवों के लिए शुरू की गईं बसें गलत तरीके से चलाई जा रहीं हैं। इस बारे में जिलाधिकारी को पत्र लिखा गया है। -बीपी अग्रवाल, क्षेत्रीय प्रबंधक, आगरा परिक्षेत्र