विश्व विख्यात ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर में एक बार फिर सेवायतों ने परंपरा तोड़ी, साथ ही न्यायालय के आदेश की अवहेलना कर मुख्य सचिव और उनके साथ आए प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों को मंदिर परिसर में भोजन कराया। इस मामले की पुष्टि मंदिर परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज से हो रही है। मंदिर प्रबंधन ने सेवायतों को नोटिस जारी करने की बात कही है।
बता दें, मंगलवार रात दस बजे मथुरा के दौरे पर आए मुख्य सचिव आलोक रंजन वृंदावन में बांकेबिहारी मंदिर पहुंचे। मंदिर के सेवायत आनंद किशोर गोस्वामी, जुगल किशोर गोस्वामी और उनके परिवार ने प्रशासनिक अधिकारियों के लिए भोजन की व्यवस्था की। इसके लिए गेट नंबर दो से प्रवेश मार्ग पर मंदिर परिसर में ही कुर्सी और मेज लगवा दीं।
इसमें कुछ अधिकारियों को कुर्सी और मेज पर बैठाया, जबकि अन्य अधिकारियों व श्रद्धालुओं के लिए जमीन पर बैठने की व्यवस्था की गई। गेट नंबर दो पर लगे सीसीटीवी फुटेज में डीएम, एसएसपी, एसपी सिटी कुर्सी मेज पर भोजन करते साफ नजर आ रहे हैं। मुख्य सचिव इस दीर्घा में नहीं थे।
सूत्र बताते हैं कि उनके लिए अलग व्यवस्था की गई थी और वह एक दूसरे कैमरे की फुटेज में हाथ धोते हुए दिख रहे हैं। मंदिर प्रबंधन के अनुसार मंदिर परिसर में किसी व्यक्ति को भोजन कराना मर्यादा का उल्लंघन है। साथ ही ये कोर्ट के आदेश की भी अवहेलना है। मंदिर में सफाई व्यवस्था को दुरुस्त रखने के लिए 30 अक्तूबर 2004 को सिविल जज जूनियर डिवीजन ने एक आदेश पारित कर मंदिर परिसर में भोजन व प्रसाद खाने-खिलाने पर रोक लगा रखी है।
सेवायत आनंद किशोर गोस्वामी और जुगल किशोर गोस्वामी ने मुख्य सचिव और प्रशासनिक अधिकारियों को मंदिर परिसर में कुर्सी मेज पर भोजन कराकर कानून तोड़ा है। इसके लिए मंदिर प्रबंधन सेवायतों को नोटिस जारी करेगा।
मुनीष शर्मा
प्रबंधक, बांकेबिहारी मंदिर वृंदावन
जुगल किशोर स्वामीजी के यहां भोजन किया गया था। कोर्ट का आदेश प्रबंध समिति के लिए है।
-राजेश कुमार, जिलाधिकारी मथुरा