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मैडम के डीएल को रात में खुला आरटीओ आफिस

Mon, 10 Oct 2016 05:37 PM IST
अमर उजाला मथुरा
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प्रतीकात्मक फोटो - फोटो : अमर उजाला
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एक पुलिस अधिकारी की पत्नी का ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए आरटीओ आफिस रात में खुला। स्टाफ घर चला गया था लेकिन सभी को कॉल करके बुलवाया गया।
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शाम को पांच बजे के बाद किसी भी काम को करने से साफ इंकार कर देने वाला आरटीओ दफ्तर का स्टाफ देर रात तक आफिस में जमा रहा। घरों से उठकर आफिस पहुंचे। जिस काम के लिए घंटों का वक्त लगा दिया जाता था वह मिनटों में पूरा करा दिया गया। दरअसल एक पुलिस अधिकारी की पत्नी का ड्राइविंग लाइसेंस बनना था। किसी रिकार्ड में लगना था इसलिए इमरजेंसी थी।

अब यह इमरजेंसी अगर किसी आम आदमी के लिए होती तो दफ्तर खुलना तो छोड़िए आफिस का कोई कर्मचारी फोन तक नहीं उठाता। बताया जाता है कि कमिश्नर की बैठक से एआरटीओ शाम को छह बजे के बाद दफ्तर पहुंचे थे। सोचा था कि वहीं से घर चले जाएंगे। इसी बीच एक पुलिस अधिकारी अपनी पत्नी के साथ पहुंचे और कहा कि ड्राइविंग लाइसेंस बनना है।
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थोड़ा इमरजेंसी है। अब मना तो कर नहीं सकते थे लिहाजा जो लोग दफ्तर से निकल गए थे उन्हें बुलवाया गया। आनन फानन में कवायद शुरू हुई। रात को नौ बजे तक दफ्तर में काम चलता रहा। जो कर्मचारी आसपड़ोस के जिलों से आते जाते थे वह तो घर जा ही नहीं पाए। जबकि हकीकत यह है कि आफिस से चार बजते ही लोग निकलने लगते हैं। पांच बजे के बाद तो रुकने का मतलब ही नहीं है।
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