रक्षाबंधन पर्व पर नए रोडवेज बस स्टैंड पर लोगों में नहीं दिखी सामाजिक दूरी बसों में चढ़ते यात्री।
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मथुरा। कोरोना महामारी का असर रोडवेज पर साफ दिखा। उम्मीद के मुताबिक सवारी नहीं मिलने से रोडवेज को करीब नौ लाख रुपये का घाटा सहन करना पड़ा, जोकि पिछले रक्षाबंधन में 15 लाख रुपये की कमाई से काफी कम है।
रक्षाबंधन को लेकर रोडवेज के अफसरों ने पुराने और अंतरराज्जीय नए बस अड्डे पर बसों का पर्याप्त इंतजाम किया था। हालांकि बहनों के लिए बसों में फ्री की व्यवस्था सरकार ने की थी। सुबह से रोडवेज अफसर और कर्मचारी पूरी मुस्तैदी से जुटे। सवारी तो निकली, पर उम्मीद के मुताबिक न मिलने से रोडवेज अफसरों के चेहरे पर मायूसी साफ देखने को मिली। इतना जरूर है कि आगरा, बरेली, अलीगढ़ के लिए बसें भेजी गईं। यहां के लिए सवारियों के चलते बसों को भेजा गया। एसएस संतोष अग्रवाल ने बताया कि पिछले रक्षाबंधन पर करीब 15 लाख रुपये की कमाई हुई थी, पर अबकी बार छह लाख रुपये पर कमाई हो सकी। नौ लाख रुपये का घाटा रोडवेज को सहन पड़ा है। कोरोना महामारी के चलते उम्मीद के मुताबिक सवारी कम ही निकली।